
देश की प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी के पेपर लीक मामले में पटना पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। 25 सदस्यीय EOU की विशेष टीम ने कुख्यात परीक्षा माफिया संजीव मुखिया के नालंदा स्थित आवास और नूरसराय हॉर्टिकल्चर कॉलेज में छापामारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत बरामद किए हैं। संजीव मुखिया नूरसराय हॉर्टिकल्चर कॉलेज में तकनीकी सहायक के पद पर कार्यरत है।
संजीव मुखिया नूरसराय हॉर्टिकल्चर कॉलेज के जिस कमरे में बैठा करता था, वहां दस्तावेजों को खंगाल गया। EOU की टीम ने उसके परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की। संजीव मुखिया की गिरफ्तारी को लेकर एजेंसियां की लगातार छापेमारी जारी है। कुछ दिन पहले खबर आई थी कि वह नेपाल में छिपा है। इसके बाद टीम उसकी तलाश में नेपाल पहुंची, लेकिन वो वहां नहीं मिला। EOU और पटना पुलिस की ताज़ा छापेमारी नीट पेपर लीक मामले की जांच के सिलसिले में की गई थी, जिसमें परीक्षा से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि प्रति छात्र 40 लाख रुपये की मोटी रकम लेकर नीट का प्रश्न पत्र लीक किया गया था। एक प्रोफेसर के माध्यम से प्रश्न पत्र को मोबाइल के जरिए संजीव मुखिया तक पहुंचाया गया था। उसका परीक्षा घोटालों से पुराना नाता रहा है। वर्ष 2016 में सिपाही भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में भी मुखिया का नाम सामने आया था। बीएससी शिक्षक बहाली के पेपर लीक मामले में वह जेल भी जा चुका है।
मुखिया का बेटा डॉ. शिव कुमार पीएमसीएच से एमबीबीएस है, जो वर्तमान में जेल में बंद है। इस परिवार का परीक्षा घोटालों में लंबे समय से संबंध रहा है। मुखिया की पत्नी ममता कुमारी भी राजनीति में सक्रिय रही हैं। वह हरनौत विधानसभा क्षेत्र से लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद EOU और पुलिस अन्य जुड़े लोगों की तलाश में जुटी हुई है, जिससे पेपर लीक के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।




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