
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में रैगिंग पर प्रशासन ने सख्ती की तो सीनियर छात्रों ने इसका तरीका ही बदल दिया। केजीएमयू में सीनियर छात्रों ने रैगिंग का नया तरीका अपनाकर अब एमबीबीएस और बीडीएस के जूनियर छात्रों को वीडियो कॉल के जरिए रात में डांस करने, गाने के लिए मजबूर करने, उनके साथ अभद्रता करना शुरू कर दिया। रैगिंग के खुलासे के बाद केजीएमयू प्रशासन ने नौ छात्रों को तीन महीने के लिए सस्पेंड कर हॉस्टल से भी निकाल दिया है।
बताया गया है कि चीफ प्रॉक्टर डॉ. क्षितिज श्रीवास्तव से जूनियर छात्रों ने वीडियो कॉल से रैगिंग की शिकायत की। आरोप था कि सीनियर छात्र अलग-अलग फोन नम्बर से रात में वीडियो कॉल करते हैं। फिर फोन पर डांस कराते हैं। गाना गाने के लिए कहते हैं। गाली-गलौज करते हैं। शिकायत करने पर डराते-धमकाते हैं। शिकायत के बाद प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने आरोपियों के मोबाइल खंगाले। जिसमें नौ छात्रों के फोन से जूनियर को वीडियो कॉल करने की पुष्टि की। सभी कॉल अलग-अलग समय पर देर रात की गई। रैगिंग की पुष्टि के बाद नौ छात्रों को तीन माह के लिए निलंबित कर दिया गया। उन्हें हॉस्टल से भी निष्कासित कर दिया गया।
इनकी सुनवाई अब एंटी रैगिंग कमिटी करेगी। इसके बाद तय होगा कि उन्हें दोबारा क्लास और हॉस्टल बहाल किया जाएगा या नहीं। केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. सुधीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 बैच के आठ एमबीबीएस व एक बीडीएस छात्र पर रैगिंग करने की पुष्टि हुई है।
साथ ही हॉस्टल से क्लास में जा रहे एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र- छात्राओं से गाली गलौज, डराने- धमकाने का भी एक मामला सामने आया है। घटना पिछले सप्ताह की है। एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र कतार से हॉस्टल जा रहे थे।तभी एमबीबीएस 2023 बैच के छात्र मोटर साइकिल से वहां से गुजरे। जूनियर छात्रों से अभद्रता करने लगे। उन्हें गाली देने लगे। धमकाया भी। सुरक्षा कर्मियों ने मोटर साइकिल सवार दो छात्रों को पकड़ लिया। मोटर साइकिल की चाबी निकाल ली। प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह भी मौके पर आ गए। आरोपी छात्रों को प्रॉक्टर ऑफिस भेज दिया गया।




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