
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नवगठित जम्मू-कश्मीर सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए शीतकालीन क्षेत्र के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में नौवीं कक्षा तक, पुराना अकादमिक सत्र बहाल कर दिया है। यह शैक्षणिक कैलेंडर पहले फरवरी से नवंबर तक होता था, जिसे दो वर्ष पूर्व उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देशानुसार समाप्त करते हुए पूरे प्रदेश में मार्च का अकादमिक सत्र बहाल कर दिया गया था। अब अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे पलट दिया है। अब्दुल्ला ने स्कूल शिक्षा मंत्री सकीना मसूद इटू की मौजूदगी में इस फैसले की घोषणा की।
अब्दुल्ला ने कहा, “माता-पिता और छात्रों की मांग थी कि कश्मीर और जम्मू संभाग के शीतकालीन क्षेत्र में शैक्षणिक कैलेंडर को मार्च सत्र के बजाय नवंबर सत्र में वापस लाया जाए। मैं इस प्रस्ताव को कैबिनेट में लाने के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री सकीना इटू का आभारी हूं, जिसने इसे मंजूरी दे दी है।”
अब्दुल्ला ने नए अकादमिक सत्र के कारण विंटर जोन में छात्रोंं और अभिभावकों को होने वाली दिक्कतों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमने नौवीं कक्षा तक विंटर जोन में पुराना अकादमिक सत्र बहाल करने का फैसला किया है। अलबत्ता,10वीं,11वीं और12वीं की कक्षाओं के लिए विंटर जोन में पुराना अकादमिक सत्र अगले वर्ष तक लागू किया जाएगा। इस वर्ष नौवीं तक वार्षिक परीक्षाएं नवंबर दिसंबर में होंगी।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वर्ष 2022 में उच्च शिक्षा विभाग के अकादमिक कैलेंडर और देश के अन्य भागों के अकादमिक कैलेंडर के अनुरूप ही जम्मू-कश्मीर के हर क्षेत्र के अकादमिक कैलेंडर को सुनिश्चित बनाने के लिए विंटर जोन के अकादमिक कैलेंडर को समाप्त कर, पूरे प्रदेश के लिए एक ही अकादमिक कैलेंडर को लागू करने का आदेश दिया था।




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