
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट यानी CAQM ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर ग्रैप-4 और 5 के नियमों में ढील देते हुए दिल्ली एनसीआर में राज्य सरकार से कहा कि वे 12वीं तक की कक्षाओं के लिए सभी क्लासेस “हाइब्रिड” मोड में चलाने का आदेश दें। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के बाद आया है, जिसमें उसे दिल्ली-एनसीआर में स्कूलों और कॉलेजों में भौतिक कक्षाओं को फिर से खोलने का आकलन करने के लिए कहा गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने आयोग से स्कूलों और कॉलेजों में शारीरिक कक्षाएं फिर से शुरू करने पर विचार करने के लिए कहा था, आदेश में कहा गया था कि कई छात्रों के पास ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने के लिए मध्याह्न भोजन और बुनियादी ढांचे की कमी है। ऐसे में स्कूल खोलने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में एंट्री पॉल्यूशन ग्रैप-4 प्रतिबंधों में ढील देने से इनकार कर दिया और कहा कि जब तक वह इस बात से संतुष्ट नहीं हो जाती कि एक्यूआई के स्तर में लगातार कमी आ रही है, वह ग्रैप-3 या ग्रैप-2 से नीचे प्रतिबंध लगाने का आदेश नहीं दे सकती।
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) चरण-III के खंड 11, GRAP-4 के खंड 5 और जीआरएपी चरण-IV के खंड 8 में छूट दी गई है, जिससे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्रों में स्कूल और कॉलेज सहित शैक्षणिक संस्थान हाइब्रिड मोड में काम कर सकेंगे।
CAQM ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आज के निर्देशों के अनुपालन में, आयोग ने तत्काल प्रभाव से और अगले आदेश तक नीचे दिए आदेश जारी किए हैं:
– ग्रैप चरण-3 के खंड 11, ग्रैप चरण-4 के खंड 5 और ग्रैप चरण-IV के खंड 8 में छूट दी गई है।
– दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और एनसीआर क्षेत्र के गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर जिलों में स्कूलों और कॉलेजों आदि में 12वीं कक्षा तक की सभी कक्षाएं “हाइब्रिड” मोड में संचालित की जाएंगी।
– एनसीआर राज्य सरकारें एनसीआर के अन्य सभी क्षेत्रों में भी उपरोक्त अनुसार हाइब्रिड मोड में कक्षाएं संचालित करने पर विचार कर सकती हैं।




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