
मध्य प्रदेश में स्कूली बच्चों को अब ट्रैफिक के नियम भी पढ़ाए जाएंगे। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत ट्रैफिक शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। इससे बच्चों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता आएगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मीडिया से बातचीत में बच्चों में ट्रैफिक जागरूकता की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों को छोटी उम्र से ही ट्रैफिक नियम सिखाए जाएं तो यह आदत जीवन भर उनके काम आएगी। उन्होंने कहा, ‘अगर बच्चों को बचपन से ही ट्रैफिक संबंधी नियमों और उनके पालन करने की प्रक्रिया से अवगत कराएं तो वह उनके लिए जीवन भर उपयोगी होती है।’
मंत्री ने बचपन में मिली शिक्षा के फ़ायदों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को कई चीज़ें बचपन में ही सिखा दी जाएं तो वे बिना किसी दबाव के आसानी से सीख जाते हैं। जैसे संस्कृति का ज्ञान। बच्चे अपने परिवार और शिक्षा के ज़रिए अपनी संस्कृति से जुड़े रहते हैं। उसी तरह, सड़क पर चलने के नियम, ट्रैफिक नियमों का पालन कैसे करें, नियमों का उल्लंघन क्या होता है, इन सब बातों को अगर स्कूल में पढ़ाया जाए तो बच्चे इसे आसानी से सीखकर अपनी ज़िंदगी में उतार लेंगे।
मंत्री ने कहा कि यह देखा गया है कि ट्रैफिक नियमों की जानकारी न होने के कारण बच्चे और किशोर अक्सर दुर्घटनाओं के शिकार हो जाते हैं। अगर उन्हें नियमों की जानकारी हो तो कई हादसों को रोका जा सकता है। इसीलिए सरकार ने स्कूली पाठ्यक्रम में ट्रैफिक की जानकारी शामिल करने का फ़ैसला लिया है। गौरतलब हो कि ट्रैफिक पालन संबंधी नियमों का ज्ञान न होने के कारण बच्चे और किशोर दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं, अगर नियमों की जानकारी हो तो हादसों को रोका भी जा सकता है। इसी को ध्यान में रखकर राज्य सरकार स्कूली पाठ्यक्रम में ट्रैफिक संबंधी जानकारी को शामिल करने की तैयारी में है।




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