
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा है कि राज्य में अधिक बच्चों वाले स्कूलों में नए शिक्षकों को तैनाती दी जाएगी। सरकार ने पीजीटी के 700 पद मंजूर किए हैं। इन शिक्षकों को वहीं तैनात किया जा रहा है, जहां संबंधित विषयों में पर्याप्त दाखिले हैं। समग्र शिक्षा निदेशालय में जिला उपनिदेशकों के साथ की गई साल की पहली समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने की है। सरकार का प्रयास है कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले। शिक्षा विभाग सबसे बड़ा सरकारी विभाग है। इस पर नई पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी है। यही नहीं, यह रोजगार का भी एक बड़ा क्षेत्र है। इसलिए सरकार इस पर पूरा ध्यान दे रही है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार समग्र शिक्षा, उच्च व प्राथमिक शिक्षा विभाग के माध्यम से शिक्षा में पॉलिसी स्तर पर व्यापक सुधार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले ग्राउंड लेवल पर दिखे, इसके लिए वह जिले व खंड स्तर पर जाकर इसकी खुद फीडबैक लेंगे। उन्होंने उपनिदेशकों से कहा कि वह पूरी निष्ठा के साथ शिक्षा की बेहतरी के लिए काम करें। कहा कि सरकार ने बीते दो सालों में शिक्षा विभाग में रिकॉर्ड भर्तियां की हैं। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार ने स्कूल मर्ज करने का फैसला लिया है। यह कोई राजनीतिक फैसला नहीं है। देश में अन्य राज्यों ने स्कूलों को कंसोलिडेट किया है।
शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं। इनमें स्कूलों को मर्ज करने का अहम फैसला भी है। उन्होंने कहा कि कोई सरकार स्कूल बंद करना नहीं चाहती, लेकिन अगर स्कूलों में बच्चे ही नहीं है या कम है, तो शिक्षा की बेहतरी के लिए ऐसा करना जरूरी है। कोई भी शिक्षक डाक लेकर नहीं जाएगा।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेलों और अन्य गतिविधियों में सुधार किए जा रहे हैं। प्राथमिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा विभाग सरकार के आदेशों पर स्कूली शिक्षा में सुधार के लिए कदम उठा रहा है। बैठक में संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा संजीव सूद, अतिरिक्त निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. हरीश शर्मा, अतिरिक्त निदेशक प्राथमिक शिक्षा बीआर शर्मा, जिलों के उप शिक्षा निदेशक, डाइट प्रिंसिपल, कार्यकारी प्रिंसिपल एससीईआरटी और समग्र शिक्षा के नोडल अधिकारी मौजूद रहे।




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