
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एक अधिसूचना जारी की है जिसमें स्कूलों को अनिवार्य सार्वजनिक प्रकटीकरण के तहत शिक्षकों की योग्यता और दस्तावेजों का विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। स्कूलों को अपनी खुद की आधिकारिक वेबसाइट बनाने और आवश्यक विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। हालांकि, सीबीएसई ने कहा कि बोर्ड द्वारा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद, यह देखा गया है कि कई संबद्ध स्कूलों के पास अभी भी एक कार्यात्मक वेबसाइट नहीं है।
इसके अलावा, कुछ स्कूलों के पास स्कूल की वेबसाइट तो है, लेकिन उन्होंने अनिवार्य सार्वजनिक प्रकटीकरण के तहत वांछित जानकारी और दस्तावेज अपलोड नहीं किए हैं या आंशिक रूप से अपलोड किए हैं। कुछ मामलों में, यह देखा गया है कि स्कूलों ने वांछित जानकारी/दस्तावेज अपलोड तो कर दिए हैं, लेकिन इन दस्तावेजों के लिंक निष्क्रिय हैं। कुछ स्कूलों ने निर्धारित जानकारी/दस्तावेज अपलोड तो कर दिए हैं, लेकिन उनका आइकन/लिंक उनके मुख्य होम पेज पर प्रमुखता से प्रदर्शित नहीं किया गया है।
सीबीएसई की ओर से जारी एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है, “बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपनी व्यक्तिगत वेबसाइट विकसित करें और उल्लिखित परिपत्र में दिए गए प्रारूप के अनुसार अनिवार्य सार्वजनिक प्रकटीकरण के हिस्से के रूप में शिक्षकों की योग्यता के साथ-साथ निर्धारित जानकारी और दस्तावेजों का विवरण अपलोड करें। बोर्ड ने एक बार फिर स्कूलों को एक महीने की अवधि के भीतर उपरोक्त प्रावधानों का पालन करने का निर्देश दिया, ऐसा न करने पर बोर्ड सीबीएसई संबद्धता उपनियम, 2018 के अध्याय 12 में उल्लिखित प्रावधानों के अनुसार गलती करने वाले स्कूलों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा।”
अधिसूचना में कहा गया है, “इसलिए बोर्ड उन सभी संबद्ध स्कूलों को एक अंतिम अवसर दे रहा है, जिन्होंने इस परिपत्र के जारी होने के 30 दिनों के भीतर निर्देशों का पालन नहीं किया है। ऐसा न करने पर बोर्ड संबद्धता उपनियमों के अध्याय 13 के अनुसार अध्याय 12 के अनुसार आवश्यक कार्यवाही शुरू करने और दोषी स्कूलों के खिलाफ जुर्माना लगाने के लिए बाध्य होगा।”




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