
रक्षा सचिव आर के सिंह ने कहा है कि गणतंत्र दिवस समारोह से पहले राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है ताकि बच्चों में एकता की भावना पैदा की जा सके और देश के प्रति गर्व एवं देशभक्ति की भावना विकसित की जा सके। आर के सिंह दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम के सामने लॉन में एक सभा को संबोधित कर रहे थे, जहां देश भर से चुने गए शीर्ष 16 स्कूल बैंड ग्रैंड फिनाले में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता 2024-25 का आयोजन रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। रक्षा सचिव ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों के सदस्यों तथा अन्य लोगों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि ग्रैंड फिनाले में 466 स्कूली छात्रों की 16 टीमें भाग ले रही हैं, जिनका चयन “कड़ी जांच” के बाद किया गया है।
वार्षिक औपचारिक परेड में सैन्य बैंड की भागीदारी का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि सशस्त्र बलों में सैन्य संगीत की बहुत जीवंत परंपरा है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा मनोबल बढ़ाती है, समारोहों को गरिमा प्रदान करती है और प्रतिभाशाली लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देती है।
रक्षा सचिव ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने गणतंत्र दिवस समारोहों में सह-प्रतिभागी बनने के लिए “प्रतिभाशाली स्कूली बच्चों को शामिल करने और प्रोत्साहित करने” के प्रयास किए हैं।
उन्होंने कहा, “स्कूल बैंड की मार्चिंग का अद्भुत दृश्य…बच्चों और वयस्कों दोनों में देशभक्ति का जुनून और साहस जगाता है, जिससे एकता, अपनेपन और राष्ट्रीय गौरव की भावना जागृत होती है।”
उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता आयोजित करने का उद्देश्य बच्चों में एकता, सामूहिक भावना तथा अपने स्कूल और देश के प्रति गौरव की गहरी भावना पैदा करना है, जिससे उनमें योगदान मूल्यों, देशभक्ति और एकता की भावना का पुनः जागरण हो तथा उन्हें देशभक्त और देश के उपयोगी नागरिक बनने के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया जा सके।”
रक्षा मंत्रालय ने पहले कहा था कि फाइनलिस्ट टीमों में शामिल छात्रों को 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।




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