
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त चेतावनी दी है कि जिन परीक्षा केंद्रों पर कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में सामूहिक नकल की शिकायतें मिलेंगी, उन पर स्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अनुसार, मंगलवार को कक्षा 12वीं की एचएससी परीक्षा के पहले दिन नकल के 42 मामले सामने आए।
मुख्यमंत्री ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए ड्रोन और वीडियो कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्कूल कर्मचारी या शिक्षक की संलिप्तता पाई जाती है, तो उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाएगा। यह निर्णय राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
फडणवीस ने सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधिकारियों से परीक्षा तैयारियों की समीक्षा की और निर्देश दिया कि विशेष दस्ते बनाए जाएं, जो परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले परीक्षा केंद्रों पर पहुंचें और उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित जमा होने तक वहां मौजूद रहें।
उन्होंने कहा कि नकल रोकने की संयुक्त जिम्मेदारी जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की होगी। शहरी क्षेत्रों में यह जिम्मेदारी नगर निगम आयुक्त और पुलिस आयुक्त की होगी।
राज्य में 3,373 केंद्रों पर कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई हैं, जो 18 मार्च तक चलेंगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अंग्रेजी, गणित और विज्ञान की परीक्षा वाले दिन संवेदनशील केंद्रों का विशेष रूप से दौरा करें।
फडणवीस ने यह भी कहा कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को परीक्षा केंद्र से 100 मीटर के दायरे में प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए। परीक्षा में नकल रोकने के लिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विद्यार्थी किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री न लाएं।
नकल के सबसे अधिक मामले छत्रपति संभाजीनगर में आये। पहले दिन दर्ज 42 नकल मामलों में से 26 मामले छत्रपति संभाजीनगर में, 8 पुणे में, 3 नासिक में, 2-2 अमरावती और नागपुर में और एक मामला लातूर में सामने आया। मुंबई, कोंकण और कोल्हापुर में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।
इस बीच, पुणे के नरहे इलाके के एक परीक्षा केंद्र में परीक्षा दे रहे एक छात्र ने दूसरी मंजिल से कूदने की कोशिश की। अधिकारियों ने बताया कि उसे मामूली चोटें आईं और उसे अस्पताल ले जाया गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उड़नदस्ते परीक्षा को नकलमुक्त बनाने के लिए पूरी तरह सतर्क रहेंगे और सख्त कदम उठाएंगे।




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