
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए स्नातक प्रोग्राम में दाखिले की प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है। इस बार की दाखिला प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी—पहले पंजीकरण और फिर दाखिला। बारहवीं के परिणाम घोषित होने के बाद पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
पंजीकरण से मिलेगा दाखिले की योग्यता का पता
नए नियमों के तहत, पंजीकरण के बाद आवेदकों को यह पता चल जाएगा कि वे किस प्रोग्राम में दाखिला लेने के योग्य हैं। यह प्रक्रिया ऑनलाइन काउंसलिंग जैसी होगी और पहली बार लागू की जा रही है। एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो के अनुसार, इस बार दाखिला प्रक्रिया को थोड़ा अलग और आसान बनाया गया है। पहले पंजीकरण और दाखिला एक साथ होते थे, जिससे छात्रों को एक लंबा फॉर्म भरना पड़ता था और इसमें अधिक समय लगता था। अब यह प्रक्रिया नियमित कॉलेजों की तरह होगी, जहां पहले पंजीकरण और फिर दाखिला फॉर्म भरकर प्रवेश लिया जाएगा।
जानकारी पहले ही मिलेगी कि क्या पढ़ना होगा
प्रो. मागो ने बताया कि जब कोई छात्र एसओएल में दाखिला लेने के लिए पंजीकरण करेगा, तो उसे यह पता चल जाएगा कि वह किन-किन प्रोग्रामों में आवेदन कर सकता है। साथ ही, उसे यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि छह सेमेस्टर (तीन साल) में क्या-क्या पढ़ना होगा।
जून में शुरू होगी दाखिला प्रक्रिया
एसओएल में स्नातक स्तर पर बीए (पास), बीए पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स, बीकॉम प्रोग्राम, बीकॉम ऑनर्स, बीए अंग्रेजी ऑनर्स, बीए ऑनर्स इकोनॉमिक्स, बीबीए फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट एनालिसिस, बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, बीए कंप्यूटर एप्लिकेशन और बीए ऑनर्स साइकोलॉजी पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया जा सकता है।
पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी दाखिला प्रक्रिया जून में शुरू होगी, लेकिन पंजीकरण की प्रक्रिया बारहवीं के परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद शुरू कर दी जाएगी।




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