
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने चिकित्सा शिक्षा पाठ्यक्रम में नवीनतम तकनीकी प्रगति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), टेलीमेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को शामिल करने की वकालत की है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा को अधिक जीवंत, सार्थक और आधुनिक चुनौतियों के अनुकूल बनाने पर जोर दिया, जिससे मौजूदा बुनियादी ढांचे और चिकित्सा संकाय का अधिकतम उपयोग किया जा सके।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आयोजित बजट-पश्चात वेबिनार में अपने संबोधन के दौरान नड्डा ने मेडिकल छात्रों में सहानुभूति, नैतिकता और संचार कौशल को बढ़ाने के लिए सॉफ्ट स्किल्स को पाठ्यक्रम में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “सबसे बड़ा निवेश लोगों में किया गया निवेश होता है।”
स्वास्थ्य सेवाओं में समग्र दृष्टिकोण और कैंसर देखभाल पर जोर
जेपी नड्डा ने सरकार की समग्र दृष्टिकोण (Holistic Approach) को रेखांकित करते हुए कहा कि यह न केवल उपचारात्मक पहलू पर केंद्रित है, बल्कि निवारक और पुनर्वास सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कैंसर का उपचार एक लंबी प्रक्रिया होती है, जिसमें कीमोथेरेपी के कई सत्र शामिल होते हैं। ऐसे में, बड़े अस्पतालों के बजाय डे-केयर कैंसर केंद्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके।
सरकार अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित करेगी, जिसमें से 200 सेंटर इसी वर्ष खोले जाएंगे।
चिकित्सा शिक्षा का विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती
जेपी नड्डा ने चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को लेकर सरकार के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला:
– मेडिकल कॉलेजों की संख्या 2014 में 387 से बढ़कर अब 780 हो गई है।
– स्नातक पाठ्यक्रमों में सीटें 130% और स्नातकोत्तर सीटें 135% बढ़ी हैं।
– 1.75 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है।
निष्पक्ष और व्यावहारिक चिकित्सा शिक्षा के लिए सुधार
स्वास्थ्य मंत्री ने वेबिनार में दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों का समर्थन किया, जिनमें शामिल हैं:
– मेडिकल संकायों की पूलिंग और सेवानिवृत्त शिक्षकों को विजिटिंग फैकल्टी के रूप में नियुक्त करना।
– योग्यता-आधारित चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देना।
– छात्रों के लिए प्रारंभिक नैदानिक अनुभव (Clinical Exposure) को बढ़ाना।
– संचार कौशल (Communication Skills) को संकाय और छात्रों दोनों के लिए अनिवार्य बनाना।
कैंसर देखभाल के बुनियादी ढांचे में सुधार
जेपी नड्डा ने बताया कि एम्स-झज्जर में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, कोलकाता में चित्तरंजन कैंसर संस्थान का उन्नयन और सभी 22 एम्स में ऑन्कोलॉजी विभागों की स्थापना की गई है।
उन्होंने हाल ही में लैंसेट (The Lancet) के एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि “आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत मरीजों को 30 दिनों के भीतर कैंसर उपचार तक पहुंचने में 90% की वृद्धि हुई है।”
जेपी नड्डा ने डिजिटल और तकनीकी नवाचारों को चिकित्सा शिक्षा में शामिल करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी, मेडिकल छात्रों का कौशल विकसित होगा और मरीजों को अधिक प्रभावी उपचार मिलेगा। सरकार के ये प्रयास भारत को एक सशक्त और आधुनिक चिकित्सा प्रणाली की दिशा में आगे ले जाने के महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।




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