
कर्नाटक के मांड्या जिले में एक निजी स्कूल के अवैध हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग का गंभीर मामला सामने आया है। होली के मौके पर बचा हुआ खाना खाने के बाद 13 वर्षीय छात्र की मौत हो गई, जबकि 28 अन्य छात्रों को पेट दर्द और अस्वस्थता की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कैसे हुआ हादसा?
यह घटना गोकुला विद्या संस्था नामक स्कूल में हुई, जो मांड्या जिले के टी कगेपुरा गांव में स्थित है। पुलिस के अनुसार, मृत छात्र की पहचान केरलॉन्ग (मेघालय निवासी) के रूप में हुई है।
मांड्या के पुलिस अधीक्षक मल्लिकार्जुन बलदंडी ने बताया कि स्कूल 1989 से संचालित हो रहा था, लेकिन इसके हॉस्टल के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं थी। यह हॉस्टल स्कूल की इमारत की पहली मंजिल पर अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था, जहां बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव था, जिसमें बच्चों के लिए शौचालय तक नहीं थे।
स्कूल में LKG से 8वीं कक्षा तक कुल 202 छात्र पढ़ते हैं, जिनमें लगभग 30 छात्र हॉस्टल में रहते थे, जिनमें से अधिकतर मेघालय के निवासी थे।
कैसे हुआ फूड पॉइजनिंग?
14 मार्च को मलवल्ली इलाके में सामुदायिक भोज का आयोजन किया गया था, जिसमें सब्जी पुलाव और चटनी परोसी गई थी। उसी दिन बचा हुआ खाना हॉस्टल के 30 छात्रों को बांट दिया गया। 15 मार्च को 6 छात्रों ने पेट दर्द की शिकायत की और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 16 मार्च (रविवार) को 13 वर्षीय छात्र अचानक बेहोश हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
28 छात्र अस्पताल में भर्ती, 7 की हालत गंभीर
फूड पॉइजनिंग से पीड़ित 28 छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 7 की हालत नाजुक है और 1 छात्र वेंटिलेटर पर है। पुलिस ने इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ IPC की धारा 286 (लापरवाही से जहरीले पदार्थ का संचालन) और धारा 106 (लापरवाही से हुई मौत) के तहत मामला दर्ज किया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में खाना बनाने वाला रसोइया, बिना जांच किए बचा हुआ खाना छात्रों को परोसने वाला हॉस्टल वार्डन और लापरवाही बरतने वाला स्कूल का मालिक शामिल है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
मांड्या के उपायुक्त डॉ. कुमार ने बताया कि 15 मार्च को स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई, जिसके बाद अधिकारियों ने स्कूल का निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा, “30 बच्चों ने खाना खाया था और फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए। दुर्भाग्य से, 13 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। बाकी 29 बच्चों का इलाज चल रहा है, जिनमें से 8 को मंड्या मेडिकल इंस्टीट्यूट (MIMS) में शिफ्ट किया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का बयान
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने X (ट्विटर) पर इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा, “जैसे ही मुझे इस घटना की जानकारी मिली, मैंने मंड्या के उपायुक्त से बात कर सभी प्रभावित बच्चों का सही इलाज सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मृतक छात्र के परिवार को मुआवजा दिया जाएगा।
क्या होगी आगे की कार्रवाई?
सरकार ने इस घटना की विस्तृत जांच कराने और स्कूल की मान्यता, हॉस्टल की सुविधा और भोजन आपूर्ति की व्यवस्था की जांच करने का आदेश दिया है। अगर कोई और लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




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