Edinbox Hindi

केएसओयू के 20वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान– चुनौतियों को स्वीकार कर सफलता के लिए करें प्रयास

कर्नाटक राज्य मुक्त विश्वविद्यालय (Karnataka State Open University – KSOU) के 20वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल थावरचंद गहलोत (Thawar Chand Gehlot) ने छात्रों को चुनौतियों को स्वीकार करने और सफलता के लिए सतत प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने स्नातकों को अपने सपनों को कभी न छोड़ने के लिए प्रेरित किया और कहा कि संघर्ष और असफलताएं, उपलब्धि की सीढ़ियां हैं। प्रत्येक चुनौती को एक अवसर के रूप में अपनाने की जरूरत है।

नवाचार और अनुकूलनशीलता सफलता की कुंजी
राज्यपाल गहलोत ने युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में डेटा विज्ञान और उन्नत प्रौद्योगिकियां दुनिया को पुनः परिभाषित कर रही हैं। उन्होंने नवाचार और अनुकूलनशीलता को सफलता की कुंजी बताया और निरंतर सीखने, रचनात्मकता और नेतृत्व विकास पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से छात्रों को सशक्त बनाने के लिए केएसओयू की सराहना की।

पर्यावरण संरक्षण की अनिवार्यता
उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के बाद हुई आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। इसके साथ ही, उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया और जल, जंगल और वायु की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों को आवश्यक बताया।

“तब तक मत रुको” – स्नातकों के लिए प्रेरणादायक संदेश
राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए स्नातकों को प्रेरित करते हुए राज्यपाल ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” और “स्वावलंबी भारत” के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद को उद्धृत करते हुए कहा— “उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।”

दूरस्थ और ऑनलाइन शिक्षा में वैश्विक वृद्धि – अतुल कुमार तिवारी
कार्यक्रम में राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद एवं कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के सचिव, अतुल कुमार तिवारी (Atul Kumar Tiwari) ने दीक्षांत भाषण दिया। उन्होंने बताया कि मुक्त विश्वविद्यालयों सहित दूरस्थ शिक्षा (ODL) में नामांकन कुल उच्च शिक्षा नामांकन का 10.62% है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर दूरस्थ शिक्षा (ODL) और ऑनलाइन शिक्षा (OL) में अभूतपूर्व वृद्धि हो रही है। दुनिया भर के देश राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों में इन्हें शामिल कर रहे हैं ताकि कौशल विकास और आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

उच्च गुणवत्ता वाले पाठ्यक्रम और डिजिटल संसाधन उपलब्ध
तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार “स्वयं” प्लेटफॉर्म के माध्यम से ODL और OL को मजबूत करने के लिए कई पहल कर रही है और प्रतिष्ठित संस्थानों से उच्च गुणवत्ता वाले पाठ्यक्रम उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के तहत राष्ट्रीय डिजिटल विश्वविद्यालय का उद्देश्य एक निर्बाध शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) जैसे कार्यक्रम व्यावसायिक प्रशिक्षण को प्राथमिकता दे रहे हैं। साथ ही, राष्ट्रीय डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए लाखों डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

ज्ञान के प्रसार में डिजिटल क्रांति
तिवारी ने कहा कि प्रौद्योगिकी, डिजिटल प्लेटफॉर्म, वर्चुअल कक्षाओं और ऑनलाइन संसाधनों की तेज़ी से हुई प्रगति ने शिक्षा के प्रसार में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। इससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देश के हर कोने और उससे आगे तक पहुंच रही है।

सम्मानित गणमान्य व्यक्तित्व
इस दीक्षांत समारोह में सी.एम. इरफानुल्लाह शरीफ और डॉ. दक्षयिनी एस. अप्पा को समाज में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए मानद उपाधियों से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. शरणप्पा वी. हालसे सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed