
इन दिनों कई राज्य सरकारों द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। दिल्ली सरकार के बाद अब केरल राज्य सरकार ने भी बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। केरल के शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने घोषणा की है कि अब राज्य के सभी स्कूलों में कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष होगी।
शिवनकुट्टी ने बताया कि पहले बच्चों को पांच साल की उम्र में कक्षा 1 में दाखिला दिया जाता था, लेकिन वैज्ञानिक अध्ययनों से यह बात सामने आई है कि छह साल की उम्र के बाद बच्चे शिक्षा के लिए बेहतर तरीके से तैयार होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के अधिकांश देशों में, जिनके पास मजबूत शिक्षा प्रणाली है, वहां भी बच्चों के लिए औपचारिक शिक्षा का प्रवेश 6 साल या उससे अधिक उम्र में होता है।
शिवनकुट्टी ने बताया कि केरल में पारंपरिक रूप से 5 वर्ष की आयु में बच्चों को कक्षा 1 में दाखिला दिलाया जाता था, लेकिन अब 50 प्रतिशत से अधिक बच्चे 6 वर्ष की आयु में स्कूल जाना शुरू करते हैं और इस ट्रेंड को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
यह नई आयु सीमा 2026-27 अकादमिक वर्ष से लागू होगी। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में भी कक्षा 1 में प्रवेश की आयु 6 वर्ष तय की गई है।




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