
पटना हाई कोर्ट से छात्रों को एक बड़ा झटका लगा है, क्योंकि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा दोबारा नहीं होगी। हाई कोर्ट ने री-एग्जाम की याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे छात्रों की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। पिछले कुछ दिनों से छात्रों द्वारा इस परीक्षा को दोबारा आयोजित करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे, लेकिन अब कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि परीक्षा का पुनः आयोजन नहीं हो सकता। इस फैसले से राज्य सरकार और बीपीएससी को एक बड़ी राहत मिली है, जो हाल के दिनों में आलोचनाओं का सामना कर रहे थे।
बीपीएससी परीक्षा को लेकर यह विवाद पिछले साल 13 दिसंबर को हुई परीक्षा से जुड़ा है, जिसमें 4 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे। परीक्षा के दौरान छात्रों ने गंभीर धांधली के आरोप लगाए थे, जिसके बाद परीक्षा दोबारा कराने की मांग उठी थी। इस मुद्दे पर राजनीति भी गर्माई और विपक्षी नेताओं ने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया। हालांकि, अब पटना हाई कोर्ट का यह निर्णय छात्रों के लिए निराशाजनक साबित हुआ है।
यहां यह समझना जरूरी है कि बिहार लोक सेवा आयोग ने केवल पटना केंद्र की परीक्षा को रद्द किया था, जहां कुछ परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र लीक होने की खबर आई थी। इसके बाद, 4 जनवरी को बीपीएससी ने सिर्फ बापू सभागार केंद्र पर परीक्षा दोबारा करवाई थी, जिसमें सभी उम्मीदवारों को 6 अंक भी दिए गए थे। लेकिन छात्रों का कहना था कि यह परीक्षा केवल कुछ छात्रों के लिए लाभकारी साबित हुई, जबकि बाकी छात्र इससे वंचित रह गए।
आखिरकार, अब बीपीएससी 70वीं संयुक्त मेन्स परीक्षा 25 से 30 अप्रैल के बीच आयोजित होगी, जिसमें वही उम्मीदवार भाग लेंगे जिन्होंने प्रीलिम्स परीक्षा पास की है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 21 फरवरी से 17 मार्च तक चली थी।
यह परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित की जाएगी, पहली शिफ्ट 9.30 बजे से 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट 2 बजे से शाम 5 बजे तक। इसके बाद 26, 28 और 30 अप्रैल को एक ही शिफ्ट में परीक्षा आयोजित होगी, जो सुबह 10 बजे से 12 बजे तक चलेगी।




Add comment