
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र में जुलाई माह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल मार्केटिंग में डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। इन डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया बेहद सरल है, और प्रवेश शुल्क मात्र 14,000 रुपये रखा गया है।
यूजीसी की अनुमति से ऑनलाइन कोर्स शुरू
यूजीसी के दिशानिर्देशों के अनुसार, आवश्यक शर्तें पूरी करने के बाद एएमयू को ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति दी गई है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन बीए, बीकॉम, एमए और एमकॉम जैसे डिग्री पाठ्यक्रम भी शुरू किए हैं।
डिप्लोमा कोर्स शुरू करने का उद्देश्य
दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र के डायरेक्टर मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी ने कहा कि आज के डिजिटल युग में भारत सरकार डिजिटल कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है। इसे ध्यान में रखते हुए, छात्रों को वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए ये डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।
शुरू किए जा रहे डिप्लोमा कोर्स
1. डिप्लोमा इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
2. डिप्लोमा इन साइबर सिक्योरिटी
3. डिप्लोमा इन डिजिटल मार्केटिंग
AI डिप्लोमा की विशेषताएँ
डायरेक्टर ने बताया कि पूरी दुनिया में AI का क्रेज बढ़ रहा है, और इस क्षेत्र में प्रशिक्षित छात्रों को आसानी से नौकरी मिल सकती है। विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्गीय छात्रों के लिए, यह डिप्लोमा कोर्स किफायती बनाया गया है, क्योंकि अन्य निजी विश्वविद्यालयों में इसकी फीस लाखों में होती है।
AI डिप्लोमा में क्या सिखाया जाएगा?
इस कोर्स में छात्रों को सिखाया जाएगा:
– डिजिटल लॉजिक और कंप्यूटर आर्किटेक्चर
– मशीन लर्निंग के सिद्धांत
– आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और संभावनाएँ
ताकि वे आधुनिक डिजिटल दुनिया में मजबूत पकड़ बना सकें और अच्छी नौकरियाँ प्राप्त कर सकें।
AI डिप्लोमा की प्रवेश प्रक्रिया
1. किसी भी विषय में किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री आवश्यक।
2. 1 वर्ष का कोर्स होगा।
3. कोर्स मैटेरियल और परीक्षा अंग्रेजी भाषा में होगी।
4. डिप्लोमा की फीस 14,000 रुपये है।
5. जुलाई के पहले सप्ताह से आवेदन फॉर्म भरे जाएंगे।
6. डिप्लोमा ऑफलाइन मोड में संचालित होगा।
7. प्रवेश मेरिट आधारित होगा।
दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र, एएमयू
1987 से संचालित इस केंद्र में 19 कोर्स उपलब्ध हैं, जिनमें 8644 छात्र-छात्राएँ अध्ययन कर सकते हैं। यहाँ प्रवेश प्रक्रिया सरल है और विवरण केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट www.cdoeamu.ac.in पर उपलब्ध है।
भारत में मुक्त और दूरस्थ शिक्षा का इतिहास
भारत में मुक्त और दूरस्थ शिक्षा की शुरुआत 1962 में दिल्ली विश्वविद्यालय के पत्राचार पाठ्यक्रम से हुई थी। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को शिक्षित करना था, जो ज्ञान प्राप्त करना चाहते हैं लेकिन नियमित कक्षाओं में भाग लेने में असमर्थ हैं। एएमयू ने 1987 से दूरस्थ शिक्षा को अपनाया और तब से छात्रों को उच्च शिक्षा का अवसर प्रदान कर रहा है।
संस्थान का पता:
दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र, एएमयू
सुलेमान हाल के सामने, शमशाद मार्केट, अनूपशहर रोड, अलीगढ़।




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