
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनावों में अध्यक्ष पद पर आईसा-डीएसएफ़ गठबंधन उम्मीदवार नीतीश कुमार की जीत हुई है। इस पद पर एबीवीपी उम्मीदवार शिखा स्वराज काफ़ी देर तक आगे चल रही थीं। इसके साथ ही जेएनयूएसयू के तीन प्रमुख पदों पर वामपंथी छात्र संगठनों के उम्मीदवारों की जीत हुई है। इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव का पद शामिल है, जबकि संयुक्त सचिव का पद एबीवीपी के खाते में गया है।
आइसा (AISA) के उम्मीदवार नीतीश कुमार ने छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर विजय प्राप्त की, वहीं डीएसएफ (DSF) की उम्मीदवार मुंतेहा फातिमा महासचिव और मनीषा उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुई हैं।
चुनाव परिणाम आने के बाद अध्यक्ष नीतीश कुमार ने छात्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “हम छात्रों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।”
नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष मनीषा ने कहा, “इस जीत का श्रेय जेएनयू को जाता है। जेएनयू लाल था और लाल ही रहेगा। हमने हमेशा छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता दी है और आगे भी उनकी आवाज बुलंद करते रहेंगे।”
महासचिव के रूप में चुनी गईं मुंतेहा फातिमा ने अपने बयान में कहा कि वे छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगी और विश्वविद्यालय परिसर में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करेंगी।
संयुक्त सचिव पद पर निर्वाचित वैभव मीणा ने कहा, “हमने लगभग एक दशक बाद यह जीत दर्ज की है। हम आशान्वित हैं कि अगले चुनावों में एबीवीपी सभी चार पदों पर विजय प्राप्त करेगी।”
चुनाव परिणामों ने एक बार फिर से वामपंथी संगठनों के जेएनयू परिसर में मजबूत प्रभाव को रेखांकित किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण चुनाव और निष्पक्ष मतगणना के लिए सभी उम्मीदवारों और छात्रों का धन्यवाद किया गया है।




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