
ओडिशा के बुरला स्थित वीर सुरेंद्र साई यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (VSSUT) ने अनुशासनहीनता के मामलों में कड़ा रुख अपनाते हुए 100 छात्रों को दंडित किया है। इन छात्रों पर कम उपस्थिति, प्रतिबंधित क्षेत्रों में घूमना और अन्य नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। यह फैसला विश्वविद्यालय की अनुशासन समिति की 25 अप्रैल को हुई बैठक के बाद लिया गया।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी आदेश में इन छात्रों के नामों के साथ-साथ उन पर लगाए गए दंडों की जानकारी भी दी गई है। सबसे अधिक संख्या तीसरे वर्ष के छात्रों की है, जिनके बाद चौथे वर्ष के 11, पहले वर्ष के 11, दूसरे वर्ष के दो और एक एमएससी छात्र शामिल हैं।
इन छात्रों को चल रहे सेमेस्टर की थ्योरी परीक्षाओं में एक ग्रेड कम दिया गया है, साथ ही 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया गया है। कुछ छात्रों को विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स वाइस प्रेसिडेंट या हॉस्टल वार्डन की निगरानी में सामाजिक सेवा करने का निर्देश भी दिया गया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि दंडित छात्रों में छह चौथे वर्ष की छात्राएं भी शामिल हैं, जिन्होंने विश्वविद्यालय के निषेधाज्ञा आदेश का उल्लंघन करते हुए बुरला स्थित हिराकुंड जलाशय के फिशरी पॉइंट का दौरा किया था। इसी स्थान पर 12 अप्रैल को फाइनल ईयर की छात्रा सस्वती भोई की डूबने से मौत हो गई थी, जब वह अपने दोस्त को बचाने की कोशिश कर रही थीं। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय ने यह कठोर निर्णय लिया है। इन छात्राओं को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है और उन पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इसके अलावा लगभग 24 छात्रों को छात्र संघ, स्पोर्ट्स टीम कैप्टनशिप, विश्वविद्यालय की ओर से मिलने वाले पुरस्कारों और प्रमाणपत्रों से वंचित कर दिया गया है। उन्हें भविष्य में किसी भी छात्र नेतृत्व भूमिका या प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
85 छात्रों को एक हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया गया है, जिसमें वे और उनके माता-पिता यह लिखित वादा करेंगे कि भविष्य में वे किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता में शामिल नहीं होंगे। भविष्य में गलती दोहराने पर उन्हें निष्कासित किया जा सकता है।




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