
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हमले में 20 से अधिक निर्दोष नागरिकों की जान चली गई, जिससे देशभर में शोक और आक्रोश का माहौल है। इस त्रासदी के बीच लखनऊ विश्वविद्यालय ने एक मानवीय और प्रेरणादायक निर्णय लिया है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने घोषणा की है कि हमले में मारे गए लोगों के आश्रितों को विश्वविद्यालय न केवल नि:शुल्क शिक्षा देगा, बल्कि उनके रहने, खाने, पुस्तकों और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं का खर्च भी विश्वविद्यालय स्वयं वहन करेगा। उन्होंने कहा, “हम इस राष्ट्रीय आपदा के समय अपने स्तर पर जो बन सके, वह करना चाहते हैं। विश्वविद्यालय उन सभी आश्रितों का स्वागत करेगा जो यहां अध्ययन करना चाहते हैं।”
इस फैसले को व्यापक स्तर पर एक संवेदनशील और समाज के प्रति उत्तरदायी कदम माना जा रहा है। यह पहल न केवल पीड़ित परिवारों को राहत देने का काम करेगी, बल्कि उच्च शिक्षा तक उनकी पहुंच को सुनिश्चित करके उनके भविष्य को भी सशक्त बनाएगी।
गौरतलब है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। ऐसे समय में लखनऊ विश्वविद्यालय की यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल कायम करती है, बल्कि मानवीय मूल्यों को भी प्रबल रूप से सामने लाती है।




Add comment