
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वर्ष 2025 की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के बाद की प्रक्रिया में एक अहम बदलाव किया है। इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों को अधिक पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है। नई व्यवस्था के तहत छात्र अब अंकों की पुष्टि (वेरिफिकेशन) या पुनर्मूल्यांकन (री-एवैल्यूएशन) से पहले अपनी जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी प्राप्त कर सकेंगे।
क्या है नई प्रक्रिया?
नई प्रक्रिया तीन मुख्य चरणों में संचालित होगी, लेकिन पहले चरण में बदलाव किया गया है:
1. उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी प्राप्त करना – छात्र सबसे पहले अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी के लिए आवेदन करेंगे ताकि वे प्रत्येक प्रश्न के लिए प्राप्त अंकों को देख सकें।
2. अंकों का सत्यापन – यदि छात्र को अंक गणना या अंक पोस्टिंग में त्रुटि का संदेह हो तो वे सत्यापन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
3. पुनर्मूल्यांकन – यदि किसी उत्तर के मूल्यांकन पर संदेह हो, तो छात्र उस उत्तर का पुनर्मूल्यांकन करवा सकते हैं।
छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका की समीक्षा करने के बाद तय कर सकते हैं कि उन्हें आगे की प्रक्रिया अपनानी है या नहीं। वे चाहें तो सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन दोनों विकल्पों को भी चुन सकते हैं।
पुरानी प्रक्रिया कैसी थी?
पूर्व में छात्र पहले अंकों के सत्यापन के लिए आवेदन करते थे, उसके बाद ही वे उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी प्राप्त कर सकते थे। अंतिम चरण में पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया होती थी। इस अनुक्रम में छात्र बिना उत्तर पुस्तिका देखे ही मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठा सकते थे।
नई प्रणाली का उद्देश्य
CBSE के अनुसार, इस बदलाव का मकसद छात्रों को मूल्यांकन में आई संभावित त्रुटियों की पहचान करने का अवसर देना है, जिससे वे संतुलित और सूचित निर्णय ले सकें। यह पारदर्शिता को बढ़ावा देगा और मूल्यांकन प्रक्रिया में छात्रों का विश्वास मजबूत करेगा।
रिजल्ट का इंतजार
CBSE ने अब तक 2025 की कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणामों की आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की है। करीब 44 लाख छात्र-छात्राएं परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पिछले वर्ष 13 मई को नतीजे घोषित किए गए थे, और इस बार भी उम्मीद है कि मई के दूसरे सप्ताह तक परिणाम जारी कर दिए जाएंगे। परिणाम घोषित होने के बाद ही फोटोकॉपी, सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू होगी।




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