
नीट (NEET) पेपर लीक मामले में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने मेडिकल कॉलेजों को आदेश जारी कर 26 एमबीबीएस छात्रों को तत्काल निलंबित करने और 14 छात्रों के प्रवेश रद्द करने का निर्देश दिया है। ये सभी छात्र शैक्षणिक सत्र 2024-25 में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में दाखिल हुए थे।
एनएमसी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि इन छात्रों ने परीक्षा में अनियमितता की थी। CBI ने पुष्टि की है कि 26 छात्रों की भूमिका पेपर लीक में पाई गई, जबकि 14 छात्रों का आचरण परीक्षा के दौरान अनुचित था।
एनएमसी की चेतावनी और सख्त रुख
एनएमसी ने कहा है कि इस तरह की धोखाधड़ी परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता, चिकित्सा शिक्षा के मानकों और सार्वजनिक विश्वास को गंभीर नुकसान पहुंचाती है। आयोग ने दोहराया कि वह शैक्षणिक कदाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाए हुए है और चिकित्सा प्रवेश में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
मास्टरमाइंड संजीव मुखिया से हो रहे अहम खुलासे
पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया को CBI ने हिरासत में लिया है। पूछताछ में उसने खुलासा किया है कि जब 5 मई 2024 को NEET का पेपर लीक हुआ, वह गुजरात में मौजूद था। वह गोधरा स्थित जय जलाराम स्कूल के पास था, जो उस दिन लीक हुए पेपर का परीक्षा केंद्र था और उसकी लोकेशन पेपर लीक से जुड़ी गतिविधियों से सीधे मेल खाती है।




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