
नीट पीजी (NEET PG) परीक्षा आगामी 15 जून को दो पालियों में आयोजित की जानी है, लेकिन इस निर्णय को लेकर अब विरोध तेज हो गया है। यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और समानता पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
याचिका में मांग की गई है कि 2025 की नीट पीजी परीक्षा केवल एक ही पाली में आयोजित की जाए, ताकि परीक्षा के कठिनाई स्तर, मूल्यांकन मानदंड और पारदर्शिता में समानता सुनिश्चित हो सके।
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) और राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBE) को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध की है।
उल्लेखनीय है कि नीट पीजी देशभर के मेडिकल स्नातकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा है, और परीक्षा का स्वरूप सीधे छात्रों के करियर और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है। दो पालियों में परीक्षा आयोजित किए जाने पर अभ्यर्थियों को कठिनाई स्तर में भिन्नता और मूल्यांकन में असमानता की आशंका है।




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