
नेपाल की संसद ने ओडिशा के कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT) में पढ़ने वाली नेपाली छात्रा की मौत पर गहरी चिंता जताते हुए भारत सरकार के साथ उच्च स्तरीय कूटनीतिक बातचीत की मांग की है। यह तीन महीनों में किसी नेपाली छात्रा की दूसरी संदिग्ध मौत है, जिसने नेपाल में जनप्रतिनिधियों और जनता को झकझोर कर रख दिया है।
प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष देवराज घिमिरे ने सोमवार को सरकार को निर्देश दिया कि वह इस संवेदनशील मामले पर भारत के साथ उच्चतम स्तर पर संवाद करे। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के लिए विदेश जा रहे नेपाली छात्रों की रहस्यमयी मौतें एक राष्ट्रीय चिंता का विषय हैं, जिन पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
प्रथम वर्ष की बीटेक छात्रा प्रिसा साह 1 मई को अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाई गई थीं। वह कंप्यूटर साइंस की छात्रा थीं और मई के मध्य में नेपाल लौटने की तैयारी कर रही थीं। इससे पहले, इसी साल 16 फरवरी को KIIT की ही एक अन्य नेपाली छात्रा, प्रकृति लाम्साल, हॉस्टल में मृत मिली थीं। इस घटना के बाद नेपाली छात्रों ने प्रदर्शन किया था और एक सहपाठी पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था।
नेपाल के पूर्व शिक्षा मंत्री देवेंद्र पौडेल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हम प्रकृति लाम्साल की मौत से उबर भी नहीं पाए थे कि अब प्रिसा साह की असमय मृत्यु ने फिर हमें गहरी चिंता में डाल दिया है। 1200 से अधिक नेपाली छात्र KIIT में पढ़ाई कर रहे हैं—यह दोहराव संयोग नहीं हो सकता।”
स्वतंत्र सांसद अमरेश कुमार सिंह ने भी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए और विदेश मंत्रालय से इस मामले में न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने कहा, “तीन महीने में दो छात्राओं की मौत एक गहरी लापरवाही का संकेत है। क्या सरकार विदेशों में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सचेत है?”
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने 2 मई को इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ओडिशा सरकार मृतका के परिवार को हर संभव सहयोग दे रही है और राज्य पुलिस द्वारा गहन जांच की जा रही है। मंत्रालय ने आश्वासन दिया कि भारत में पढ़ रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों की सुरक्षा और भलाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
बयान में कहा गया, “हम इस दुखद घटना को अत्यंत गंभीरता से ले रहे हैं और ओडिशा सरकार तथा KIIT प्रबंधन के साथ लगातार संपर्क में हैं।”




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