
उत्तराखंड बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षाओं के परिणाम 19 अप्रैल को घोषित किए, जिसमें छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 90.77% रहा, जो अब तक का सबसे उच्चतम है। इंटरमीडिएट (कक्षा 12वीं) के परिणाम भी उल्लेखनीय रूप से अच्छे रहे।
हालांकि, इसी दौरान एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी को हैरान कर दिया। नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक स्थित भद्रकोट के एक सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 10वीं की परीक्षा में शून्य प्रतिशत परिणाम दर्ज हुआ है। यहां केवल एक छात्र ने बोर्ड परीक्षा दी थी, लेकिन वह सभी विषयों में अनुत्तीर्ण हो गया।
इस घटना के बाद यह विद्यालय राज्य का ऐसा एकमात्र सरकारी स्कूल बन गया है, जिसका 10वीं में शत-प्रतिशत फेल का रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद जायसवाल ने बताया कि विद्यालय में सात शिक्षक नियुक्त हैं, जो कला, गणित, विज्ञान, हिंदी, अंग्रेज़ी और सामाजिक विज्ञान जैसे विषय पढ़ाते हैं। हालांकि, हाल ही में कला विषय के शिक्षक का तबादला हो चुका है।
गौरतलब है कि पिछले साल इस विद्यालय में कक्षा 6 से 10वीं तक कुल सात विद्यार्थी नामांकित थे—कक्षा 6 और 7 में दो-दो, जबकि कक्षा 8, 9 और 10 में एक-एक छात्र पढ़ता था।




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