
देश की प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) अब एक नए विकास चरण में प्रवेश करने जा रही है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ और कुलसचिव प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की, जिसमें विश्वविद्यालय की भविष्य की योजनाओं और विस्तार से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
मेडिकल कॉलेज और नए विभागों पर जोर
इस बैठक की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि जामिया में मेडिकल कॉलेज की स्थापना और नए अकादमिक विभागों की शुरुआत को लेकर गंभीरता से विचार किया गया। शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय के इन प्रयासों की सराहना की और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने जामिया का दौरा करने की भी इच्छा जताई।
डेंटल फैकल्टी की उपलब्धि को सराहना
कुलपति और कुलसचिव ने बैठक के दौरान बताया कि जामिया की डेंटल फैकल्टी ने हाल ही में पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम की शुरुआत कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने इसके लिए शिक्षा मंत्रालय द्वारा दिए गए आर्थिक सहयोग का आभार जताया और मंत्री के सहयोग को ‘महत्वपूर्ण योगदान’ बताया।
कोचिंग एकेडमी का सराहनीय प्रदर्शन
बैठक में रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी (RCA) की भी चर्चा हुई, जहां से हर साल 30 से अधिक छात्र UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफल होते हैं। यह विश्वविद्यालय की शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता और छात्रों की मेहनत का प्रमाण है।
वित्तीय स्थिति और प्रोजेक्ट्स पर चर्चा
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने हायर एजुकेशन फाइनेंसिंग एजेंसी (HEFA) के तहत चल रहे विकास परियोजनाओं की धीमी गति पर चिंता जताई और मंत्री से वित्तीय सहयोग तेज करने की अपील की। साथ ही, नए विभागों की स्थापना को लेकर भी प्रस्ताव पेश किए गए, जिन्हें शिक्षा मंत्री ने सकारात्मक रूप से लिया।
दीक्षांत समारोह की योजना
बैठक के अंतिम चरण में दीक्षांत समारोह की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में किन विशिष्ट व्यक्तियों को आमंत्रित किया जाए, इस पर विचार किया गया। कुलपति और कुलसचिव ने मंत्री से इस संबंध में मार्गदर्शन और सहयोग मांगा।
यह मुलाकात जामिया मिल्लिया इस्लामिया के शैक्षिक और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। शिक्षा मंत्री की ओर से मिले समर्थन से विश्वविद्यालय के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।




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