
उत्तर प्रदेश सरकार ने ऑस्ट्रेलिया की विश्वप्रसिद्ध मोनाश यूनिवर्सिटी के साथ एक ऐतिहासिक समझौता (एमओयू) किया है, जिससे प्रदेश की उच्च शिक्षा को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में यह समझौता मुख्यमंत्री आवास, कालिदास मार्ग पर सम्पन्न हुआ।
यह एमओयू गौतमबुद्ध नगर यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर शिक्षकों और छात्रों की क्षमता वृद्धि (कैपेसिटी बिल्डिंग), शिक्षक प्रशिक्षण, छात्र व शिक्षक एक्सचेंज प्रोग्राम, और संयुक्त शोध को लेकर हुआ है। इससे प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक मानकों के अनुरूप सुधार होंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस समझौते को प्रदेश के युवाओं के उज्जवल भविष्य की नींव बताते हुए कहा कि यह उनके लिए वैश्विक शिक्षा का दरवाज़ा खोलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की शिक्षा परंपरा तर्क और दर्शन के साथ दुनिया में अपनी पहचान रखती रही है, और अब उसी परंपरा को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने की जरूरत है।
शिक्षा में समग्र सोच को मिलेगा बल
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा और चिकित्सा मनुष्य की मूलभूत ज़रूरत हैं। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में हम इस दिशा में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं। जो छात्र विदेश जाकर पढ़ाई नहीं कर सकते, उन्हें अब घर बैठे अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिल सकेगी।
इस मौके पर माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, गौतमबुद्ध नगर यूनिवर्सिटी के कुलपति, आस्ट्रेलियाई राजदूत और मोनाश यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर उपस्थित रहे।
मोनाश यूनिवर्सिटी: वैश्विक शिक्षा का प्रतिष्ठित केंद्र
मोनाश यूनिवर्सिटी की स्थापना 1958 में मेलबर्न, विक्टोरिया में हुई थी। इसका नाम प्रथम विश्व युद्ध के प्रतिष्ठित ऑस्ट्रेलियाई जनरल सर जान मोनाश के नाम पर रखा गया है। यह विश्वविद्यालय विश्व के शीर्ष 100 शिक्षण संस्थानों में शामिल है और यहां करीब 86 हजार छात्र पढ़ते हैं।
भारत में इसकी उपस्थिति पहले से है — आईआईटी बॉम्बे के साथ मिलकर मोनाश रिसर्च अकादमी के ज़रिए यह उच्च गुणवत्ता वाले शोध कार्यों में संलग्न है। इसमें स्वच्छ ऊर्जा, जैव प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, विज्ञान और नैनोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में संयुक्त पीएचडी करवाई जाती है।
प्रदेश को होंगे ये प्रमुख लाभ
– 30,000 से अधिक शिक्षक नियमित ट्रेनिंग से लाभान्वित होंगे।
– पीएम श्री और कंपोजिट विद्यालयों के बच्चों को इस पहल से जोड़ा जाएगा।
– AI, जलवायु परिवर्तन, क्वालिटी एजुकेशन जैसे विषयों में शिक्षक और छात्र विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे।
– गौतमबुद्ध नगर यूनिवर्सिटी इस पूरी पहल का केंद्र बनेगी, जिससे उत्तर प्रदेश को विशेष लाभ मिलेगा।
– सीएम कंपोजिट व पीएम श्री स्कूलों के बच्चों को वैश्विक शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
यह समझौता न केवल उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश को वैश्विक शिक्षा नेटवर्क का एक अभिन्न हिस्सा भी बनाएगा।




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