
महाराष्ट्र में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा की गई शिक्षक और गैर-शिक्षण पदों की भर्ती में अनियमितताओं की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) करेगा। यह घोषणा राज्य सरकार के मंत्री दादा भुसे ने आज राज्य विधानसभा में की।
मंत्री भुसे ने बताया कि SIT में कानूनी पृष्ठभूमि वाले वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारी, साथ ही विषय विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। जांच टीम को अपना काम पूरा करने के लिए चार से पांच महीने का समय दिया जाएगा।
580 अयोग्य नियुक्तियाँ, 100 करोड़ वेतन पर खर्च
यह मुद्दा शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक अजय चौधरी और अन्य सदस्यों ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाया। प्रस्ताव के अनुसार, नागपुर सहित कई जिलों में बीते कुछ वर्षों में करीब 1,000 पदों पर भर्ती हुई, जिनमें से 580 कर्मचारी अयोग्य पाए गए।
केवल नागपुर मंडल में ही सरकारी खजाने से 100 करोड़ रुपये उन अयोग्य कर्मचारियों को वेतन के रूप में दिए गए हैं। चौधरी ने दावा किया कि 2012 से कई जिलों में अयोग्य शिक्षकों को वेतन मिल रहा है, जिससे राज्य को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
12 संस्थानों पर केस दर्ज, अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
विधायक चौधरी ने यह भी बताया कि 12 शिक्षण संस्थानों के पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसके साथ ही, इन मामलों में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया कि SIT इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




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