
दिल्ली के सरकारी स्कूलों के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने 18,996 स्मार्ट ब्लैकबोर्ड लगाने की योजना को मंजूरी दे दी है। यह काम पांच चरणों में पूरा किया जाएगा।
CM श्री स्कूलों को मिलेगी प्राथमिकता
इस परियोजना के तहत ‘सीएम श्री स्कूलों’ में सबसे पहले 2,466 स्मार्ट ब्लैकबोर्ड लगाए जाएंगे। सूद के अनुसार, इन ब्लैकबोर्ड के इस्तेमाल के लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल भी उपलब्ध कराया जाएगा।
900 करोड़ रुपये का बजट मंजूर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में डिजिटल क्लासरूम पहल के लिए 900 करोड़ रुपये से अधिक के बजट को हरी झंडी दी गई। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के मुख्य बिंदुओं को लागू करना है।
अब तक सिर्फ 799 ब्लैकबोर्ड लगे थे
सूद ने जानकारी दी कि 2014 से 2024 के बीच दिल्ली के सरकारी स्कूलों में सिर्फ 799 स्मार्ट ब्लैकबोर्ड लगाए गए थे, वो भी CSR (कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) के तहत। अब यह संख्या 2029-30 तक 18,966 तक पहुँचाने की योजना है, जो कक्षा 9 से 12 तक के लिए होगी।
कम सुविधा वाले इलाकों को मिलेगी प्राथमिकता
सूद ने कहा कि पहले की परियोजनाएं अधिकतर केंद्रीय और समृद्ध इलाकों तक सीमित थीं, लेकिन इस बार नजफगढ़, नरेला, सीमापुरी, महावीर एन्क्लेव और किराड़ी जैसे पिछड़े क्षेत्रों के स्कूलों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ा जाएगा।
शिक्षा बजट पर दी सफाई
शिक्षा बजट में कटौती के आरोपों को खारिज करते हुए सूद ने कहा, “हमने शिक्षा बजट में कटौती नहीं की, बल्कि उसे प्राथमिकता दी है। कुछ लोग स्कूल की इमारतों के सामने फोटो खिंचवाते हैं, लेकिन हम कक्षाओं और शिक्षकों में निवेश कर रहे हैं।”




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