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छात्रों के लिए दिल्ली दुनिया का सबसे किफायती शहर, भारत में मुंबई सबसे उपयुक्त

QS सर्वश्रेष्ठ छात्र शहर रैंकिंग 2026 जारी हो चुकी है, जिसमें दुनिया भर के छात्रों के लिए सर्वश्रेष्ठ शहरों की पहचान की गई है। इस बार भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि यह रही कि दिल्ली को दुनिया का सबसे किफायती शहर घोषित किया गया है। किफायती शहरों की वैश्विक सूची में मुंबई और बेंगलुरु भी शीर्ष 15 में शामिल हैं। अगर भारत के भीतर छात्रों के लिए सबसे उपयुक्त शहर की बात करें तो मुंबई ने पहला स्थान हासिल किया है, उसके बाद दिल्ली, बेंगलुरु, और चेन्नई का स्थान है।

इस बार भारतीय शहरों की वैश्विक रैंकिंग में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। मुंबई ने 15 स्थान की छलांग लगाकर 98वां स्थान, दिल्ली ने 7 स्थान ऊपर चढ़कर 104वां स्थान, और बेंगलुरु ने 22 स्थान की बढ़त के साथ 108वां स्थान हासिल किया। चेन्नई भी पीछे नहीं रहा और 12 स्थान ऊपर चढ़कर 128वें स्थान पर पहुंच गया।

QS की सीईओ जेसिका टर्नर ने कहा कि यह सुधार केवल आंकड़ों की बात नहीं है, बल्कि यह भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र में आ रहे संरचनात्मक बदलाव का प्रमाण है। जैसे-जैसे हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की पांचवीं वर्षगांठ की ओर बढ़ रहे हैं, शिक्षा की गुणवत्ता, वैश्विक जुड़ाव और छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी सिद्ध हो रहे हैं।

रोजगार की संभावनाओं के लिहाज से भी भारत के शहरों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। नियोक्ता गतिविधि (Employer Activity) श्रेणी में चीन के तियानजिन और चेंगदू पहले और दूसरे स्थान पर रहे, जबकि तुर्किए का इजमिर तीसरे स्थान पर रहा। भारत से मुंबई और दिल्ली इस श्रेणी में शीर्ष 50 में शामिल हुए, जिससे यह संकेत मिलता है कि इन शहरों में स्नातकों के लिए नौकरी की अच्छी संभावनाएं मौजूद हैं। बेंगलुरु ने इस श्रेणी में सबसे तेज छलांग लगाई और 41 स्थान ऊपर चढ़कर 59वें स्थान पर पहुंच गया, जबकि चेन्नई ने भी 29 स्थानों की बढ़त दर्ज की।

दुनिया के सर्वश्रेष्ठ छात्र शहरों में इस बार दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल ने पहला स्थान हासिल किया है, जिसने लंबे समय से शीर्ष पर रहे लंदन को पीछे छोड़ दिया। जापान का टोक्यो दूसरे स्थान पर और लंदन तीसरे स्थान पर आ गया है। विशेष रूप से लंदन को सामर्थ्य (affordability) श्रेणी में भारी गिरावट का सामना करना पड़ा।

यह रैंकिंग विभिन्न मापदंडों के आधार पर तैयार की जाती है, जिनमें विश्वविद्यालयों की रैंकिंग, वांछनीयता, किफायती जीवन, छात्र मिश्रण, नियोक्ता गतिविधि और छात्रों की राय शामिल हैं। जैसे-जैसे भारत अपनी उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ कर रहा है, उसके शहर छात्रों के लिए न केवल बेहतर बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भी बनते जा रहे हैं।

Asmita Sarkar

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