
दिल्ली में आज एक बार फिर स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले ईमेल मिले हैं। द्वारका स्थित सेंट थॉमस स्कूल और वसंत कुंज के वसंत वैली स्कूल को सबसे पहले धमकी भरे मेल प्राप्त हुए। इसके बाद मदर्स इंटरनेशनल स्कूल (हौज खास), रिचमंड ग्लोबल स्कूल (पश्चिम विहार) और सरदार पटेल विद्यालय (लोदी एस्टेट) को भी ऐसे ही मेल भेजे गए।
सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वाड और साइबर विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनज़र स्कूलों को खाली कराया गया और पूरी तरह जांच की गई। हालांकि, किसी भी स्कूल में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस ने इन्हें फर्जी धमकियां करार दिया है।
तीन दिन में 10 से ज्यादा स्कूल-कॉलेजों को मिली धमकी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में 10 से अधिक स्कूलों और एक कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इससे पहले नेवी चिल्ड्रन स्कूल और सीआरपीएफ स्कूल को ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं। मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन कॉलेज और छावला स्थित सेंट थॉमस स्कूल को भी आरडीएक्स और आईईडी से भरे होने की ईमेल से सूचना दी गई थी।
इन सभी मामलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई की, परिसर खाली कराए और तलाशी अभियान चलाया। अब तक किसी भी स्थान से कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है। पुलिस ने इन धमकियों को हॉक्स (झूठी सूचना) माना है और साइबर सेल की मदद से ईमेल भेजने वाले की तलाश जारी है।
केजरीवाल ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मामले पर भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “लगातार तीसरे दिन दिल्ली के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, लेकिन न तो गृह मंत्री अमित शाह को इसकी परवाह है और न ही भाजपा की सरकार को। भाजपा दिल्ली को जंगलराज में बदल रही है।”
पिछले साल भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
गौरतलब है कि 2024 में भी दिल्ली-एनसीआर के कई स्कूलों और अस्पतालों को इसी तरह के धमकी भरे ईमेल मिले थे। पुलिस के अनुसार, इन मामलों में ईमेल भेजने के लिए प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल किया गया, जिससे अपराधी की पहचान मुश्किल हो रही है। फिलहाल, जांच एजेंसियां ईमेल भेजने वाले की पहचान में जुटी हुई हैं।




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