
भारतीय छात्रों को अब विदेश गए बिना ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा का अवसर मिलेगा। 15 विदेशी विश्वविद्यालय भारत में अपने कैंपस खोलने की तैयारी में हैं। इनमें से चार विश्वविद्यालयों के कैंपस नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मुंबई और बेंगलुरु में खुलेंगे।
किन विश्वविद्यालयों के कैंपस खुलेंगे?
ऑस्ट्रेलिया की वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी ग्रेटर नोएडा में अपना कैंपस शुरू करेगी, जहाँ बिजनेस एनालिटिक्स, मार्केटिंग, नवाचार, उद्यमिता और एमबीए जैसे पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएंगे।
विक्टोरिया यूनिवर्सिटी नोएडा में कैंपस खोलकर बिजनेस, डाटा साइंस, साइबर सुरक्षा और आईटी में मास्टर्स कार्यक्रम चलाएगी।
ला ट्रोब यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु में फाइनेंस, मार्केटिंग, मैनेजमेंट, कंप्यूटर साइंस (एआई, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग) और पब्लिक हेल्थ जैसे स्नातक कार्यक्रम पेश करेगी।
ब्रिटेन की ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी 2026 से मुंबई में अपना कैंपस शुरू करेगी, जहाँ एआई, डिज़ाइन, डिजिटल टेक्नोलॉजी सहित यूजी और पीजी कार्यक्रम संचालित होंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत पहल
NEP 2020 की 5वीं वर्षगांठ के अवसर पर इन विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस खोलने के लिए आशय पत्र (Letter of Intent) जारी किए गए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में इस निर्णय को स्वीकृति मिली।
इसके अतिरिक्त, विदेशी विश्वविद्यालय भारत में विभिन्न क्षेत्रों जैसे आयुर्वेद-आधारित अनुसंधान, भूजल प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा, और न्यूरोमॉर्फिक इंजीनियरिंग पर भी भारतीय संस्थानों के साथ मिलकर काम करेंगे।
अब तक 11 विदेशी विश्वविद्यालयों को अनुमति
अब तक कुल 11 विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस खोलने के लिए आशय पत्र मिल चुका है, जबकि शेष चार की प्रक्रिया अभी चल रही है।




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