
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूली शिक्षा को और अधिक प्रभावशाली, व्यावहारिक और रुचिकर बनाने के लिए ‘लर्निंग बाई डूइंग’ (सीखना करते हुए) नामक एक नई पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य है कि शिक्षक सिर्फ किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों को प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाना सीखें।
शिक्षकों को मिल रही तकनीकी और व्यावहारिक ट्रेनिंग
इस योजना के तहत राज्य सरकार ने शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों से लैस करने के लिए लखनऊ के उद्यमिता विकास संस्थान और दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है।
इसमें विज्ञान और गणित के शिक्षक, तकनीकी अनुदेशक, डायट के मास्टर ट्रेनर, और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) की शिक्षिकाएं शामिल हैं।
यह कार्यक्रम यूनिसेफ और STAR Forum-विज्ञान आश्रम के तकनीकी सहयोग से संचालित किया जा रहा है और 5 अगस्त 2025 से 18 मार्च 2026 तक चलेगा।
इन श्रेणियों के शिक्षक होंगे प्रशिक्षित
कार्यक्रम के अंतर्गत निम्नलिखित चार श्रेणियों के प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है:
1. मास्टर ट्रेनर (TOT प्रशिक्षण):
प्रत्येक जिले से दो विज्ञान प्रवक्ताओं को चार दिवसीय ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ (TOT) के अंतर्गत प्रशिक्षित किया जाएगा।
2. वर्ष 2024-25 के चयनित 2274 विद्यालयों के शिक्षक:
इन स्कूलों के विज्ञान और गणित शिक्षकों तथा तकनीकी अनुदेशकों को दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण मिलेगा।
3. वर्ष 2025-26 के 3288 नवीन चयनित विद्यालयों के शिक्षक (KGBV समेत):
इन स्कूलों के शिक्षकों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
4. जिला समन्वयक (सामुदायिक सहभागिता):
विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय के लिए प्रत्येक जनपद के जिला समन्वयकों को दो या तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रमुख तिथियाँ
– 01-03 अगस्त 2025: मास्टर ट्रेनर्स का 3 दिवसीय TOT
– 05-08 अगस्त 2025: मास्टर ट्रेनर्स का 4 दिवसीय गहन प्रशिक्षण
– 11-14 और 18-21 अगस्त 2025: 2274 स्कूलों के शिक्षकों का 2 दिवसीय प्रशिक्षण
– 22 अगस्त – 18 अक्टूबर 2025 और 3 नवंबर 2025 – 14 फरवरी 2026: जिलावार प्रशिक्षण
– 16 फरवरी – 18 मार्च 2026: 3288 नए विद्यालयों के शिक्षकों का 3 दिवसीय प्रशिक्षण
4000 से अधिक शिक्षक होंगे प्रशिक्षित
इस कार्यक्रम के अंतर्गत 76 डायट प्रवक्ताओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। 2274 स्कूलों के 2074 शिक्षक और तकनीकी अनुदेशक भाग लेंगे।2025-26 में चयनित 3288 स्कूलों से 1888 शिक्षक, जिनमें KGBV की शिक्षिकाएं भी शामिल हैं, प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
शिक्षा में बदलाव की ओर मजबूत कदम
राज्य के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि ‘लर्निंग बाई डूइंग’ योजना, उत्तर प्रदेश की शिक्षा प्रणाली को नया आयाम देने जा रही है। इससे न केवल शिक्षक बेहतर ढंग से पढ़ा पाएंगे, बल्कि बच्चों की समझ और रुचि भी बढ़ेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम है।




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