
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने उन छात्रों को एक और मौका देने की घोषणा की है, जिन्होंने स्नातक, स्नातकोत्तर या प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। यह अवसर रेगुलर, एनसीवेब (नॉन-कॉलेजिएट वीमेंस एजुकेशन बोर्ड) और एसओएल (स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग) के पूर्व छात्रों को मिलेगा।
इस विशेष परीक्षा के लिए वही छात्र आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने वर्ष 2012 से 2019 के बीच स्नातक में और वर्ष 2012 से 2020 के बीच स्नातकोत्तर में दाखिला लिया था।
15 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन
डीयू के शताब्दी वर्ष (2022) के तहत पहले भी तीन बार “स्पेशल चांस” दिया जा चुका है। अब चौथी बार आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है। जिन छात्रों ने फेज-1, फेज-2 या फेज-3 में डिग्री पूरी नहीं की, वे इस बार अधिकतम चार पेपरों के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।
आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर रात 11:59 बजे तय की गई है।
आवेदन प्रक्रिया
छात्रों को आवेदन ऑनलाइन करना होगा। डिग्री पूरी करने वाले पुराने छात्र लिंक http://durslt.du.ac.in/DuExamForm_CT100/Login.aspx पर और शताब्दी अवसर विशेष चांस लेने वाले छात्र लिंक http://durslt.du.ac.in/DuExamForm_CT100/StudentPortal/IndexPage.aspx पर आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन की पुष्टि और वेरिफिकेशन का काम संबंधित फैकल्टी, विभाग, कॉलेज और सेंटर को 19 सितंबर रात 11:59 बजे तक पूरा करना होगा। आवेदन के बाद छात्रों को उसकी कॉपी का प्रिंट निकालना होगा। सत्यापन के बाद ही प्रोविजनल एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा।
परीक्षा शुल्क
पुराने छात्रों के लिए: प्रति पेपर ₹3,000 शुल्क
शताब्दी अवसर विशेष चांस (चांस-1, चांस-2 और चांस-3) के छात्रों के लिए: प्रति पेपर ₹5,000 शुल्क
स्पष्ट किया गया है कि एक बार शुल्क जमा होने के बाद किसी भी स्थिति में रिफंड नहीं किया जाएगा।
विशेष शर्तें
– केवल अंतिम वर्ष के वे छात्र, जो पहले शताब्दी अवसर विशेष परीक्षा में शामिल होकर भी डिग्री पूरी नहीं कर पाए, अधिकतम चार पेपरों के लिए पंजीकरण कर सकेंगे।
– आवेदन करते समय पिछला एडमिट कार्ड और परीक्षा परिणाम अपलोड करना अनिवार्य होगा।




Add comment