
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 56वीं आईआईटी काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में यह संकल्प लिया गया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) को और अधिक समावेशी, शोध-केंद्रित और 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाए।
बैठक में तैयार रोडमैप का उद्देश्य है कि वर्ष 2047 तक IITs भारत की वैज्ञानिक, तकनीकी और सामाजिक प्रगति में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर भारत” के विज़न को साकार करने में योगदान दें।
प्रधान का संदेश
धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स (X) पर लिखा, “56वीं आईआईटी काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता करना सौभाग्य की बात है। बैठक में अकादमिक प्रगति की समीक्षा के साथ अगले 25 वर्षों का रोडमैप तय किया गया। खास तौर पर IITs को और अधिक समावेशी, शोध-आधारित और 21वीं सदी की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर चर्चा हुई। ये प्रतिष्ठित संस्थान वर्ष 2047 तक भारत की वैज्ञानिक, तकनीकी और सामाजिक प्रगति का नेतृत्व करेंगे। यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा स्वतंत्रता दिवस भाषण में बताए गए रणनीतिक लक्ष्यों के अनुरूप है।”
उन्होंने IITs को भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली का गहना बताया और कहा कि ये संस्थान विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में केंद्रीय भूमिका निभाएंगे।
आईआईएम बिल: ऐतिहासिक उपलब्धि
20 अगस्त को संसद में पारित भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025 को प्रधान ने “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताया। इसके तहत गुवाहाटी में नया IIM स्थापित किया जाएगा।
प्रधान ने लिखा, “असम के लिए यह ऐतिहासिक क्षण है। इस विधेयक के पारित होने के बाद गुवाहाटी को पहला IIM मिला है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विज़न और केंद्र सरकार, असम सरकार व ULFA के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते का परिणाम है। IIM गुवाहाटी न केवल पूर्वोत्तर की शिक्षा प्रणाली को सशक्त करेगा, बल्कि क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने, विश्वस्तरीय प्रबंधन शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने और ‘अष्टलक्ष्मी’ के विकास में योगदान देगा।”
गुवाहाटी में स्थापित होने वाला यह देश का 22वां और पूर्वोत्तर का दूसरा IIM होगा। इसका स्थायी परिसर पलसबाड़ी में बनेगा और IIM अहमदाबाद इसे मार्गदर्शन देगा।
एआई और नई नीतियों पर जोर
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि IITs अपने पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को ध्यान में रखते हुए अनुकूलित करेंगे। इसके लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
साथ ही, IIT परिसरों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने और छात्रों की वार्षिक स्वास्थ्य जांच कराने का निर्देश दिया गया। परिषद ने यह भी तय किया कि अनुवादात्मक अनुसंधान और उत्पाद विकास को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीति बनाई जाएगी।




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