
दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय (SAU), जिसे 2010 में सार्क देशों की संसद से मंजूरी के बाद स्थापित किया गया था, में इस वर्ष अब तक के सबसे अधिक दाखिले हुए हैं। 2024-25 में जहां 599 छात्र एडमिट हुए थे, वहीं 2025-26 सत्र में यह संख्या बढ़कर 1,100 से अधिक हो गई है। इनमें 95% भारतीय छात्र हैं, जबकि पिछले वर्ष यह अनुपात 87% था। दिल्ली-एनसीआर के छात्रों को स्थानीय स्तर पर अपने पसंदीदा कोर्स चुनने का अवसर मिला है।
विदेशी छात्रों की स्थिति
इस वर्ष 45 विदेशी छात्रों ने प्रवेश लिया है, जिनमें नेपाल से सबसे अधिक 20 छात्र हैं। बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भी छात्र शामिल हुए हैं, लेकिन पाकिस्तान से लगातार तीसरे वर्ष किसी छात्र को प्रवेश नहीं मिल पाया। वीज़ा व अन्य तकनीकी कारण भी इसमें बाधा बने।
पॉपुलर कोर्सेज से बढ़ी मांग
अरावली पहाड़ियों के बीच 100 एकड़ परिसर में फैले इस कैंपस में नए स्नातक कोर्सेज ने दाखिले दोगुने कर दिए हैं। बीटेक कोर्स में सबसे अधिक 350 छात्रों ने एडमिशन लिया। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और बिज़नेस इंटेलिजेंस जैसे स्पेशलाइजेशन शामिल हैं।
एमए (इंटरनेशनल रिलेशंस) में 120 एडमिशन हुए। लॉ और BS-MS (इंटरडिसिप्लिनरी) कोर्स में 100 से ज्यादा छात्रों ने दाखिला लिया। बायोटेक्नोलॉजी में 55 और क्लाइमेट चेंज मास्टर्स कोर्स में 30 से अधिक छात्रों ने एडमिशन लिया।
नए प्रोग्राम्स
– इंटीग्रेटेड BBA-MBA (5 वर्षीय) कोर्स, जिसमें मल्टीपल एंट्री-एग्जिट का विकल्प है।
– इंटीग्रेटेड BS-MS (इंटरडिसिप्लिनरी साइंसेज) प्रोग्राम।
– बीटेक में नई स्ट्रीम: मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी।
– कामकाजी पेशेवरों के लिए दो वर्षीय एग्जीक्यूटिव MBA।
– 2025 से एक वर्षीय मास्टर प्रोग्राम का विकल्प भी उपलब्ध होगा (चार वर्षीय ग्रेजुएशन वालों के लिए)।
एडमिशन प्रक्रिया
बीटेक कोर्स में प्रवेश JEE Main स्कोर के आधार पर होगा। इसके अलावा SAU अपना एंट्रेंस टेस्ट भी आयोजित करेगा और सार्क देशों के नेशनल एंट्रेंस टेस्ट को मान्यता देगा। MBA के लिए CAT स्कोर भी मान्य होगा।
SAU अब स्नातक से लेकर पीएचडी स्तर तक कंप्यूटर साइंस, इकोनॉमिक्स, लीगल स्टडीज़, इंटरनेशनल स्टडीज़, मीडिया, आर्ट्स एंड डिज़ाइन, सोशियोलॉजी, फिज़िक्स और क्लाइमेट चेंज जैसे विषयों में कोर्स उपलब्ध करा रहा है।




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