
दिल्ली सरकार अब स्कूलों में ‘ग्रैंडपेरेंट्स डे’ मनाने जा रही है। शिक्षा निदेशालय ने इस पहल के लिए एक सर्कुलर जारी किया है, जिसके तहत समग्र शिक्षा अभियान (Samagra Shiksha Scheme) के अंतर्गत प्राथमिक स्तर के 1,536 स्कूलों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आयोजित किया जाएगा।
1.53 करोड़ रुपये का बजट मंजूर
इस कार्यक्रम के लिए शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड ने 1.53 करोड़ रुपये (153.6 लाख) का बजट स्वीकृत किया है। प्रत्येक स्कूल को 10,000 रुपये मिलेंगे, जिनसे एक दिन चलने वाले इस उत्सव का आयोजन किया जाएगा।
खर्च का विवरण
जारी नोटिस के अनुसार, इस राशि से लगभग 100 प्रतिभागियों के जलपान, दादा-दादी के लिए उपहार, दो गतिविधियों के पुरस्कार, और अन्य विविध खर्च पूरे किए जाएंगे। छात्रों को अपने किसी एक दादा या दादी को साथ लाने की अनुमति दी जाएगी।
मजेदार गतिविधियों से भरा दिन
‘ग्रैंडपेरेंट्स डे’ पर स्कूलों में कई रचनात्मक और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित होंगी — जैसे डांस परफॉर्मेंस, पेपर बैग और फोटो फ्रेम बनाना, तथा बलून रिले रेस जैसे खेल। इस पहल का उद्देश्य पीढ़ियों के बीच संवाद और स्नेह को गहरा करना है।
अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य
सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि आयोजन के दौरान डिस्ट्रिक्ट अर्बन रिसोर्स कोऑर्डिनेटर, क्लस्टर रिसोर्स कोऑर्डिनेटर, और स्कूल प्रमुखों की उपस्थिति जरूरी होगी।
सोशल मीडिया पर साझा होंगी यादें
सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आयोजन की हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्डिंग तैयार करें और उन्हें जिला कार्यालयों में जमा करने के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी साझा करें।
यह पहल न केवल बच्चों और बुजुर्गों के बीच भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाएगी, बल्कि स्कूलों को समुदाय से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक कदम साबित हो सकती है।




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