
अगर इरादे मजबूत हों तो नामुमकिन कुछ भी नहीं| यह कहावत डीसीपी रवि कुमार सिंह पर बिलकुल सटीक बैठती है| तभी तो इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढाई करने के बावजूद कुछ अलग करने की चाह में वे आईपीएस बन गए| आजकल वे दिल्ली पुलिस में आउटर दिल्ली के डीसीपी हैं| आईपीएस बनने का सपना पूरा करने के लिए उन्हें दिन-रात मेहनत तो करनी ही पड़ी साथ ही बहुत सी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा|आइये जानते हैं रवि कुमार सिंह की सक्सेस स्टोरी उन्ही की जुबानी:
आजमगढ़ में हुआ जन्म, कटवारिया सराए में रहे:
रवि बताते हैं कि उनका जन्म 30 नवंबर 1985 को आजमगढ़ में हुआ| उनके परिवार में उनकी बहन और माता-पिता ही थे| 1988 में उनके पिता कटवारिया सराय आ गए| वे जेपी एसोसिएट्स में अकाउंटेंट थे| उनकी स्कूलिंग नवयुग विद्यालय से हुई| उन्होंने 2005 में आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की| इसके बाद एक कंपनी में एक साल तक जॉब भी की| लेकिन कुछ अलग करने की चाह में उन्होंने एक साल बाद ही जॉब छोड़ दी और यूपीएससी की तैयारी में जुट गए| लेकिन पहले प्रयास में उन्हें असफलता ही हाथ लगी| इसका प्रमुख कारन वे अपनी कम तैयारी को मानते हैं|
2012 में क्लियर किया यूपीएससी:
रवि बताते हैं कि कम तैयारी के चलते पहले प्रयास में उन्हें निराशा ही हाथ लगी| लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और फिर से पूरे जोश के साथ तैयारी की| इस बार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने वर्ष 2012 में दूसरे प्रयास में 130 रैंक हासिल करके आईपीएस को चुना| रवि कहते हैं कि स्टूडेंट्स को किसी भी कार्य में अपना फोकस नहीं छोड़ना चाहिए| उन्हें चाहिए कि वे झूठे वायदों में न उलझें और छोटी-छोटी बातो पर ध्यान दें| तभी वे अपना लक्ष्य पूरा कर सकते हैं और अपने जीवन में सफलता हासिल कर सकते हैं|




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