
हिमाचल प्रदेश (HP) के शिक्षा मंत्री (Education Minister) रोहित ठाकुर (Rohit Thakur) ने आरोप लगाया है कि पिछली बीजेपी सरकार (BJP government) के कार्यकाल में प्रदेश में शिक्षा का बेड़ा गर्क हुआ। स्थिति ऐसी थी कि हिमाचल प्रदेश की रैंकिंग गुणात्मक शिक्षा के मामले में देशभर में 18वें स्थान पर पहुंच गई थी, मगर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद पिछले लगभग डेढ़ साल में अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की गयीं, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार आ रहा है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ाने के प्रयासों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार व्यावसायिक शिक्षा में सुधार के लिए भी निरंतर प्रयास कर रही है, ताकि युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग में सात हजार से अधिक जेबीटी, टीजीटी-पीजीटी, कॉलेज लैक्चरर के पद सीधी भर्ती और बैचवाइज के आधार पर भर रही है ताकि अध्यापकों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई में बाधा न पडे़।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए सभी स्तर के स्कूलों में संसाधनों के साझे प्रयोग के लिए स्कूल क्लस्टर योजना भी शुरू की गई है। साथ ही प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में इसी सत्र से पहली कक्षा से अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के छह हजार से अधिक प्राइमरी स्कूलों में प्री नर्सरी की कक्षाएं शुरू की गई हैं, जिसके लिए नर्सरी टीचर के पद सृजित कर उन्हें भरने की अनुमति प्रदान कर दी गई है। जल्द ही प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया जाएगा।




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