
सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में 97.8 प्रतिशत अंक हासिल कर अपने स्कूल दिल्ली पब्लिक स्कूल गाजियाबाद में इस साल टॉप करने वाली आशी बी. बंसल ने अपने हिस्से एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। उसने अब आगे अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए भी तीन करोड़ दो लाख रुपये की स्कॉलरशिप हासिल कर ली है। आशी को अमेरिका की आईवी लीग कॉर्नेल यूनिवर्सिटी (कॉर्नेल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग) में दाखिला मिल गया है और वह अगस्त में अमेरिका रवाना होने की तैयारी कर रही हैं।
दरअसल, आशी को प्रतिष्ठित टाटा स्कॉलरशिप मिली है जिसके तहत चार साल की पढ़ाई के लिए तीन करोड़ रुपए मिलते हैं। इसमें ट्यूशन फीस, हाउसिंग, फूड, किताबों सहित तमाम खर्च कवर होते हैं। टाटा स्कॉलरशिप के लिए कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन का ऑफर होना चाहिए। आशी ने 12वीं की परीक्षा के साथ-साथ अमेरिका में पढ़ाई के लिए भी तैयारी शुरू कर दी थी। वहां भी प्रवेश परीक्षा में उसे 1600 में से 1540 अंक प्राप्त हो गए। इस तरह एडमिशन का अप्लीकेशन प्रोसेस पूरा करने के बाद उसने स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई किया और अंततः उसे स्कॉलरशिप भी हासिल हो गयी। अब आशी अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से चार वर्षीय बी-टेक का कोर्स करेंगी। और जैसा उसका अब तक का सफर रहा है, पूरी उम्मीद है कि वह अमेरिका में भी कामयाबी का डंका बजायेगी।
आशी शुरू से ही कुशाग्र बुद्धि वाली छात्र रही हैं। वर्ष 2022 में सीबीएसई बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में भी उसने देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया था। उसे तब 99.8 प्रतिशत अंक मिले थे। दरअसल, बचपन से ही पढ़ाई में तेज और आविष्कारों के प्रति जुनूनी आशी ने कम उम्र में ही शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके पास 500+ माइक्रोसॉफ्ट सर्टिफिकेट, 3 इसरो सर्टिफिकेट के साथ-साथ कैलटेक, स्टैनफोर्ड जैसे विभिन्न विश्वविद्यालयों से 12 कोर्स सर्टिफिकेट भी हैं। अंतर्राष्ट्रीय साइंस जर्नल में उसके छह रिसर्च पेपर प्रकशित हो चुके हैं। इसके अलावा भी उसने अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में कई पुरस्कार हासिल किए हैं।
बहुमुखी प्रतिभा की धनी आशी बंसल नयी-नयी चीज़ें ईज़ाद करने की हमेशा कोशिशों में लगी रहती है। इसी का नतीजा है कि वह एक शेफ्टी शू भी बना चुकी हैं, जो आपात स्थिति में महिलाओं और बच्चों को बचा सकता है। वह इलेक्ट्रॉनिक वाहनों के लिए वायरलेस पॉवर रोड ट्रांसमिशन पर भी काम कर रही हैं। इतना ही नहीं आशी ‘साइलेंट वॉयस, लाउड व्हिस्परर्स’ नाम के एक कविता संग्रह की लेखिका भी हैं। इसमें उनकी 100 कविताएं हैं। वह की-बोर्ड वादन में माहिर हैं, उन्हें चित्रकारी का शौक है, द सूट्स मैगज़ीन की वह संस्थापक हैं। कहने का तात्पर्य कि आशी की कहानी ही ऐसी है जहां आशा हर कदम उनके साथ रही है। और अब उससे उनके शिक्षक, परिजन से लेकर देश के लोगों को भी एक आशा बंधी है – आशी अमेरिका में भी नाम कमाएंगी, भारत को गौरान्वित करेंगी।




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