
लगातार सुर्ख़ियों में बने रहने वाले ऋषिकेश एम्स में अब एक नया संकट खड़ा हो गया है। इस नए संकट से एम्स प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। अभी-अभी वह रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से निबटा था, अब यहाँ के नर्सिंग स्टाफ ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। इमरजेंसी व ट्रामा सेवाओं के अलावा अन्य सेवाओं का बहिष्कार करते हुए वे दो चिकित्सकों के निलंबन की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इन दो चिकित्सकों ने उनके उप नर्सिंग अधीक्षक (डीएनएस) के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है।
दरअसल, हाल ही में एम्स ऋषिकेश के एक नर्सिंग ऑफिसर (Nursing officer) को ऑपरेशन थिएटर में महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह मामला जब प्रकाश में आया था, तब घटना के विरोध में एम्स के डॉक्टरों ने हड़ताल कर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की थी और डीन कार्यालय का घेराव भी किया था। बाद में महिला डॉक्टर की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसे हिरासत में लिया था।
अब नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि महिला चिकित्सक से छेड़खानी मामले में उनके एक डीएनएस और एएनएस का नाम बेवजह फंसाया जा रहा है जबकि हकीकत यह है कि घटना की जानकारी प्रशासन को एएनएस ने ही दी थी। नर्सिंग स्टाफ की तरफ से कहा गया है कि चिकित्सक उस एएनएस पर आरोपी को बचाने के लिए ओटी दस्तावेजों से छेड़छाड़ का आरोप लगा रहे हैं जो कि बेबुनियाद है। कार्य बहिष्कार कर रहे नर्सिंग स्टाफ की मांग है कि अभद्र भाषा बोलने वाले चिकित्सकों को तत्काल निलंबित किया जाए।
कार्य बहिष्कार पर जाने से पहले शुक्रवार को भी नर्सिंग स्टाफ ने डीन एकेडमिक कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया था और चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं की गई तो शनिवार से इमरजेंसी व ट्रामा सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा।




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