
NEET UG 2024: देशभर के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित हुई नीट परीक्षा में इस बार दिल्ली के सरकारी स्कूलों ने कमाल कर दिया। इस परीक्षा में न सिर्फ उसका प्रदर्शन शानदार रहा, बल्कि उसने कई कीर्तिमान भी स्थापित कर डाले हैं। दिल्ली के सरकारी स्कूलों के कुल 1414 छात्रों ने इस बार नीट परीक्षा में सफलता के झंडे गाड़े, जो कई लिहाज से एक रिकॉर्ड है। दिल्ली की शिक्षा क्रान्ति का कमाल है कि महज पांच वर्षों में इस परीक्षा को पास करने वाले सरकारी स्कूल के बच्चों की संख्या 2.5 गुणा हो गई है।
गौरतलब है कि इस परीक्षा को पास करने वाले दिल्ली सरकार के स्कूलों के बच्चों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है। 2020 में जहां दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 569 बच्चों ने नीट परीक्षा क्वालिफाई किया था, वहीं 2021 में 496, 2022 में 648 और 2023 में 1074 छात्रों ने नीट क्वालिफाई किया। अब इस साल सरकार के आंकड़ों के अनुसार यह संख्या 1414 पहुंच गई है। कई स्कूलों का परिणाम तो शत-प्रतिशत रहा, यानी जितने छात्र परीक्षा में बैठे सबके सब पास कर गये।
10 साल पहले तक कोई सोच भी नहीं सकता था कि सरकारी स्कूलों के बच्चे आईआईटी और नीट परीक्षा पास करेंगे। और वह भी इतनी बड़ी संख्या में। मगर यह मुमकिन हुआ है दिल्ली में। शिक्षा क्षेत्र को मिल रही विशेष प्राथमिकता से यह सपना धरातल पर उतरा है। लिहाजा, इस शानदार उपलब्धि के लिए दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों को बधाई दी।
आतिशी कहती हैं, ‘हमारे सरकारी स्कूलों के 1414 बच्चों ने इस बार नीट क्वालिफाई किया। पांच सालों में यह संख्या सबसे अधिक है। दिल्ली के सरकारी स्कूल के बच्चों ने अपने ही पिछले पांच सालों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। हमारे स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से 255 बच्चों ने परीक्षा दी थी और इनमें से 243 स्टूडेंट्स ने नीट यूजी परीक्षा में सफलता प्राप्त की। इसका रिजल्ट 95 फीसदी रहा। 6 स्कूलों का रिजल्ट तो 100 फीसदी रहा है। यह सब सीएम केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली में शिक्षा क्रांति का नतीजा है।’
उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने 12 विशेषीकृत एक्सीलेंस स्कूल बनाए हैं। इन्हीं 12 डॉ. बीआर अंबेडकर स्कूल आॅफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस में से 6 स्कूल का शत-प्रतिशत रिजल्ट रहा है। तभी शिक्षा मंत्री कहती हैं कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब से गरीब बच्चे सबसे शानदार एजुकेशन पा रहे हैं और सबसे शानदार उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिला ले रहे हैं। दिल्ली में अब गरीब से गरीब परिवार का बच्चा न सिर्फ सपने देख सकता है बल्कि उन्हें पूरा भी कर सकता है।
गौरतलब है कि नीट परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए (NTA) की ओर से 5 मई को किया गया था और 4 जून को इसके परिणाम घोषित किये गए। इस एग्जाम में कुल 23 लाख से अधिक कैंडिडेट्स शामिल हुए थे।




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