
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिश के आलोक में उच्च संस्थानों और स्कूली बच्चों को पर्यटन स्थलों की सैर करने का अवसर मिल रहा है। गौरतलब है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की एक अहम सिफारिश में शामिल था छात्रों को पढ़ाई के साथ देश के प्रमुख ऐतिहासिक और कला-संस्कृति से जुड़े पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाना। इस सिफारिश को शिक्षा मंत्रालय ने तेजी से आगे बढ़ाया भी। शिक्षा मंत्रालय ने पर्यटन मंत्रालय के साथ मिलकर देश के ऐसे सौ स्थलों की सूची तैयार की, जहां छात्रों को भ्रमण के लिए ले जाने की योजना थी।
शिक्षा मंत्रालय की इस पहल के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को पर्यटन स्थलों की इस सूची के साथ ही यह निर्देश दिया था कि वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिश को ध्यान में रखते हुए छात्रों को इन स्थलों के भ्रमण की योजना बनाएं। वैसे भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी लोगों से देश के कम से कम 10 पर्यटन स्थलों पर भ्रमण का सुझाव दिया था। बेहतर बात यह है कि इस दिशा में देश के सभी राज्यों ने पहल की और इसे आगे बढ़ा रहे हैं। वे छात्रों को पढ़ाई के साथ देश के प्रमुख ऐतिहासिक और कला-संस्कृति से जुड़े पर्यटन स्थलों का भ्रमण करा रहे हैं। इसके लिए राज्य सरकारों द्वारा सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को गाइडलाइन जारी किया गया है।
केंद्र प्रायोजित एक भारत, श्रेष्ठ भारत की योजना के तहत माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों में पर्यटन स्थलों की सैर करने का मौका मिल रहा है। इसके लिए शिक्षा मंत्रालय द्वारा समग्र शिक्षा अभियान के तहत राशि मुहैया करायी जा रही है। इसका प्रावधान केंद्रीय बजट में किया गया है। मंत्रालय ने राज्यों को पहले ही इस योजना के बारे में अवगत करा दिया है।
इस पहल से छात्र ऐसे स्थलों के इतिहास, वैज्ञानिक योगदान, परंपराओं आदि से भी परिचित हो रहे हैं, जो अब तक वे किताबों में ही पढ़ते रहे हैं। छात्रों में भारत भ्रमण की जिज्ञासा भी बढ़ रही है। साथ ही इससे पर्यटन को बढ़ावा भी मिल रहा है। वहीं नई पीढ़ी देश की समृद्ध विरासत, विविधता, संस्कृति, भाषा और ज्ञान से जुड़ रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इस पूरी मुहिम को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की योजना से जोड़ने का सुझाव भी दिया गया था। इसका मकसद एक-दूसरे राज्य की संस्कृति और भाषा से छात्रों को परिचित कराया जाना था। इस पहल से स्कूली बच्चों को जोड़ कर मकसद को हासिल करने में मदद मिल रही है।
छात्रों के भ्रमण के लिए चिह्नित कुछ प्रमुख राज्यों के पर्यटन स्थलों में उत्तर प्रदेश का आगरा, प्रयागराज, झांसी, सारनाथ, श्रावस्ती, कुशीनगर, कपिलवस्तु, मध्य प्रदेश का अमरकंटक, भीमबेटका, ग्वालियर फोर्ट, खजुराहो, जबलपुर, मांडू, पचमढ़ी, सांची, बिहार का नालंदा, बोधगया, वैशाली, राजगीर, सासाराम और उत्तराखंड का ऋषिकेश, मसूरी, नैनीताल शामिल है। बता दें कि शिक्षा मंत्रालय ने पर्यटन मंत्रालय के साथ मिलकर देश के जिन सौ स्थलों की सूची तैयार की, जहां छात्रों को भ्रमण के लिए ले जाने की योजना थी, उनमें सबसे अधिक आठ पर्यटन स्थल अकेले मध्य प्रदेश के हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के सात व बिहार के पांच पर्यटन स्थल शामिल हैं।




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