
देश की टूरिज्म इंडस्ट्री लगातार तेज रफ्तार से बढ़ रही है। वर्ल्ड ट्रैवल एवं टूरिज्म काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2019 में ट्रैवल एवं टूरिज्म के जीडीपी में योगदान के संदर्भ में भारत का दुनिया के 185 देशों में 10वां रैंक था, जबकि देश के कुल रोजगार में पर्यटन क्षेत्र का योगदान 8.78 प्रतिशत था। कोरोना महामारी के बाद यह सेक्टर फिर से तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार भी भारत को वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने की योजना पर काम कर रही है। केंद्र सरकार की नीतियों और अन्य सुविधाओं के कारण देश में विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी हर साल इजाफा हो रहा है। पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से मई 2024 के दौरान विदेशी पर्यटकों के आगमन में 9.1 फीसदी की वृद्धि हुई है। लिहाजा, इस अवधि के दौरान विदेशी मुद्रा आय में भी 22.52 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। यह आंकड़ा विदेशी पर्यटकों के आगमन (एफटीए) और विदेशी मुद्रा आय (एफईई) में लगातार वृद्धि दर्शाने के साथ एक मजबूत और विस्तारित पर्यटन उद्योग का संकेत देता है। सरकार द्वारा नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जाने की घोषणा के बाद से इसकी गति और तेज होने की संभावना बढ़ गई है यानी इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए अवसरों की कोई कमी रहने वाली नहीं है।
वैसे भी पर्यटन न सिर्फ लोगों को एक साथ लाता है, अधिकतर देशों की अर्थव्यवस्था का बेहद अहम हिस्सा है और बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार के अवसर देता है। भारत में पर्यटन उद्योग एक बड़ा कार्यक्षेत्र है। अभी देश में सालाना एक करोड़ के करीब विदेशी पर्यटक आते हैं और केंद्र सरकार ने अमृत काल के दौरान इस संख्या को 10 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार जैसे-जैसे अपने इस लक्ष्य की ओर बढ़ेगी, जॉब के नये अवसर भी बनेंगे। ऐसे में टूरिज्म एक बेहतर करियर डेस्टिनेशन बन सकता है। आज टूरिज्म सबसे तेजी से आगे बढ़ता हुआ सेक्टर बन चुका है। इससे काम के नए अवसर पैदा हुए हैं। जो युवा यात्राएं करने के शौकीन हैं, नई-नई जगहों पर जाने, वहां के बारे में जानने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए इस सेक्टर में ढेरों विकल्प खुल गए हैं।
कुछ समय पूर्व ही पर्यटन मंत्रालय ने कहा था कि वर्ष 2030 तक भारत सरकार ने देश में 14 करोड़ नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य रखा है। पर्यटन उद्योग के जरिये करीब 56 अरब डालर की विदेशी मुद्रा अर्जित करने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।ऐसे में पर्यटन में करियर की खोज आपके सामने अवसरों की एक ऐसी दुनिया खोलती है, जिसमें अविस्मरणीय अनुभवों के साथ यात्रा के आकर्षण का मिश्रण भी शामिल है। विविधता और वैश्विक संबंधों से समृद्ध यह गतिशील क्षेत्र, संस्कृति, रोमांच और सेवा के प्रति जुनूनी लोगों के लिए ढेर सारे रास्ते प्रदान करता है। डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ट्रेवल ब्लॉगिंग आदि ने टूरिज्म सेक्टर में एक तरह से क्रांति लाने का काम किया है।
भारत जैसे विविधता वाले देश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां की संस्कृति, संगीत, हस्तकला, खानपान से लेकर नैसर्गिक सुंदरता हमेशा से देसी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करती रही हैं। इससे शहरों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं। तो अगर आप टूरिज्म सेक्टर में करियर बनाना चाहते हैं, तो किसी भी विषय से बारहवीं पास करने के बाद बीए इन ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, बीए इन हॉस्पिटैलिटी, ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, बीएससी ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, बीएससी इन हॉस्पिटैलिटी एंड ट्रेवल मैनेजमेंट, बीबीए इन ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट आदि में से किसी एक ग्रेजुएशन कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। ट्रेवल, टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट में पीजीडीएम करने का भी विकल्प है। आप अगर ट्रेवल एवं टूरिज्म में एमबीए कर लेते हैं, तो अपने लिए जॉब के बेहतरीन अवसर हासिल कर सकते हैं।
विदेशी और घरेलू पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ, ट्रेवल एजेंसियों, टूर ऑपरेटिंग कंपनियों, हॉस्पिटैलिटी और इवेंट मैनेजमेंट में कुशल पेशेवरों की मांग बढ़ रही है। ट्रेवल एवं टूरिज्म में कोर्स करने वालों के लिए इंडिया टूरिज्म एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, राज्यों के स्टेट टूरिज्म बोर्ड एवं टूरिज्म डेवलपमेंट एंड कॉरपोरेशन इंडियन रेलवे के आईआरसीटीसी के टूरिज्म ऑपरेशन डिवीजन आदि में नौकरी पाने के बेहतरीन मौके मौजूद हैं। इन दिनों ट्रैवल एवं टूरिज्म सेक्टर में ट्रैवल कंसल्टेंट, टूरिज्म मैनेजर, टूरिज्म रिलेशनशिप मैनेजर, इनबाउंड टूर मैनेजर, टूर एग्जीक्यूटिव, सेल्स मैनेजर, आउटबाउंड एवं डोमेस्टिक टूर मैनेजर, ट्रैवल काउंसलर, आपरेशंस मैनेजर, ट्रैवल बुकिंग एग्जीक्यूटिव आदि की काफी मांग है। युवा बतौर ट्रैवल एजेंट, टूर गाइड एवं गेस्ट रिलेशन आफिसर भी कार्य शुरू कर सकते हैं। ट्रैवल एजेंट्स जहां पर्यटकों को किसी भी पर्यटन स्थल का विशेष व श्रेष्ठ अनुभव करने में मदद करते हैं, वहीं टूर गाइड उनके संग रहकर विभिन्न डेस्टिनेशंस की सैर कराते हैं। वहां की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक विरासत, खानपान एवं स्थानीय रीति-रिवाजों से परिचय कराते हैं।
आज जब देश के लोगों की क्रय शक्ति बढ़ रही है और वे यात्राओं में रुचि लेकर उस पर खर्च कर रहे हैं, तो इससे पर्यटन क्षेत्र में नए विकल्पों के साथ अवसर भी बढ़ रहे हैं। इस क्षेत्र में हर प्रकार की योग्यता एवं कौशल रखने वाले युवाओं के लिए आगे बढ़ने के अवसर हैं।
प्रमुख संस्थान
– इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रेवल मैनेजमेंट (आईआईटीटीएम), ग्वालियर, नेल्लोर, भुवनेश्वर, नोएडा
– इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड मैनेजमेंट, थाणे
– नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट, हैदराबाद
– केरला इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रेवल स्टडीज, तिरुवनंतपुरम
– सेंटर फॉर टूरिज्म स्टडीज, पुडुचेरी
– बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी (https://www.bhu.ac.in)
– केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला (https://www.cuhimachal.ac.in)
– केंद्रीय विश्वविद्यालय, जम्मू (https://www.cujammu.ac.in)
– जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली (https://www.jmi.ac.in)
– क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु (https://christuniversity.in)




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