
दुनियाभर में बढ़ती महंगाई, राजनीतिक तनाव और अस्थिर हालात के बावजूद 2025 अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के लिए नया रिकॉर्ड बनाने वाला साल साबित हुआ। संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन (UNWTO) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल 1.52 अरब अंतरराष्ट्रीय पर्यटक दुनिया की सैर पर निकले। यह संख्या 2024 की तुलना में करीब 6 करोड़ ज्यादा है।
ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि यात्रा अब सिर्फ शौक नहीं रही, बल्कि एक वैश्विक ट्रेंड बन चुकी है, जिसे न आर्थिक दबाव रोक पा रहा है और न ही सीमाओं पर बढ़ता तनाव।
अफ्रीका बना नया टूरिज्म लीडर, यूरोप की बादशाहत कायम
2025 में सबसे बड़ा सरप्राइज अफ्रीका से आया। महाद्वीप ने 8% की वृद्धि दर्ज की।करीब 8.1 करोड़ अंतरराष्ट्रीय सैलानी यहां पहुंचे। तेजी से विकसित होते पर्यटन ढांचे, वीजा में आसानी और बेहतर फ्लाइट कनेक्टिविटी ने अफ्रीका को नया पर्यटन केंद्र बना दिया है।
दूसरी ओर, यूरोप अब भी नंबर-1 बना हुआ है। 2025 में यूरोप में 79.3 करोड़ पर्यटक पहुंचे, जो इसे दुनिया का सबसे लोकप्रिय टूरिज्म रीजन बनाए रखता है। अमेरिका और एशिया-प्रशांत क्षेत्र भी महामारी के बाद अपनी पुरानी रफ्तार पकड़ते दिख रहे हैं।इसके साथ ही, ब्राजील, मिस्र, मोरक्को, जापान और भूटान जैसे देशों में डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई।
महंगाई और अस्थिरता पर भारी पड़ा घूमने का जुनून
UNWTO की महासचिव शेखा अल नौवैस ने बताया कि 2025 चुनौतियों से भरा था, लेकिन यात्रा की वैश्विक मांग मजबूत बनी रही। इसकी तीन बड़ी वजहें रहीं— वीजा नियमों में छूट, फ्लाइट कनेक्टिविटी में सुधार और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की बढ़ती संख्या। यही कारण है कि महंगी उड़ानों और महंगाई के बावजूद लोग दुनिया देखने के लिए उत्साहित रहे।
2026: खेल आयोजनों से बढ़ेंगी उम्मीदें
विशेषज्ञों के मुताबिक, 2026 में पर्यटन में 3–4% अतिरिक्त वृद्धि की संभावना है। इसकी वजह यह है कि इस साल दो बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन- FIFA वर्ल्ड कप 2026 और शीतकालीन ओलंपिक 2026- होने जा रहे हैं। इन इवेंट्स से होटलों, उड़ानों, ट्रैवल सेवाओं और पर्यटन अर्थव्यवस्था में नई तेजी आने की उम्मीद है।
हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी भी दी है कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, यात्रा खर्च और आर्थिक उतार-चढ़ाव 2026 में बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
पर्यटन उद्योग के लिए यह समय निर्णायक
2025 का रिकॉर्ड बताता है कि दुनिया अब ‘ट्रैवल-ड्रिवन इकोनॉमी’ की ओर बढ़ रही है। बदलते वीजा नियम, डिजिटल सुविधाएं और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय आयोजन पर्यटन उद्योग को नई दिशा दे रहे हैं।
2026 में यह देखना दिलचस्प होगा कि वैश्विक चुनौतियों और अवसरों के बीच पर्यटन की यह रफ्तार क्या नए कीर्तिमान स्थापित कर पाती है।




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