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बजट 2026-27 में प्रस्तावित मेडिकल हब से मिलेगा चिकित्सा शिक्षा और पर्यटन को बढ़ावा

बजट 2026-27 में प्रस्तावित मेडिकल हब से मिलेगा चिकित्सा शिक्षा और पर्यटन को बढ़ावा

बजट 2026-27 में प्रस्तावित मेडिकल हब से मिलेगा चिकित्सा शिक्षा और पर्यटन को बढ़ावा

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा, “भारत को मेडिकल टूरिज्म का केंद्र बनाने के लिए मैं राज्यों के सहयोग से पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करने की योजना पेश करती हूँ, जिसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी होगी।”

उन्होंने बताया कि ये हब एकीकृत स्वास्थ्य परिसर के रूप में कार्य करेंगे, जिनमें चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान सुविधाएं एक साथ होंगी। उन्होंने आगे कहा, “इन हब में आयुष केंद्र, मेडिकल वैल्यू टूरिज्म फैसिलिटेशन सेंटर और डायग्नोस्टिक्स, पोस्ट-केयर एवं पुनर्वास सुविधाएं होंगी। ये हब डॉक्टरों और हेल्थ प्रोफेशनल्स समेत विभिन्न स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे।”

पर्यटन क्षेत्र में निवेश

वित्त मंत्री ने कहा, “पर्यटन क्षेत्र रोजगार सृजन, विदेशी मुद्रा अर्जन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।”

उन्होंने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रस्ताव रखा कि राष्ट्रीय होटल प्रबंधन एवं कैटरिंग प्रौद्योगिकी परिषद को अपग्रेड कर एक राष्ट्रीय हॉस्पिटैलिटी इंस्टिट्यूट स्थापित किया जाए। यह संस्थान शिक्षा, उद्योग और सरकार के बीच एक पुल का काम करेगा।

इसके अलावा, उन्होंने 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स को अपस्किल करने के लिए 12-सप्ताह के उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम की पायलट योजना की घोषणा की, जिसे हाइब्रिड मोड में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के सहयोग से संचालित किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “एक राष्ट्रीय डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड बनाया जाएगा, जिसमें सभी महत्वपूर्ण सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का डिजिटल दस्तावेजीकरण होगा। इससे स्थानीय शोधकर्ताओं, इतिहासकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के लिए नई नौकरियों का एक इकोसिस्टम तैयार होगा।”

इको-टूरिज्म और ट्रेकिंग

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत विश्वस्तरीय ट्रेकिंग और हाइकिंग अनुभव प्रदान करने की क्षमता रखता है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पूर्वी घाट के अराकू वैली और पश्चिमी घाट के पोधिगाई माला में पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ माउंटेन ट्रेल विकसित की जाएंगी। इसके अलावा, तटीय क्षेत्रों में कछुआ ट्रेल और आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु में बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स तैयार की जाएंगी।

उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में 2024 में इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस की स्थापना की गई थी। इस वर्ष भारत में पहला ग्लोबल बिग कैट समिट आयोजित किया जाएगा, जिसमें 95 देशों के सरकार प्रमुख और मंत्री संरक्षण के सामूहिक रणनीतियों पर विचार करेंगे।”

हेरिटेज और सांस्कृतिक पर्यटन

हेरिटेज और कल्चरल टूरिज्म पर बोलते हुए उन्होंने प्रस्ताव रखा कि लोथल, ढोलाविरा, रक्खीगढ़ी, अडिचनल्लूर, सारनाथ, हस्तिनापुर और लेह पैलेस सहित 15 पुरातात्विक स्थलों को जीवंत सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों में विकसित किया जाए।

उन्होंने कहा, “खुदाई की गई जगहों को जनता के लिए क्यूरेटेड वॉकवे के माध्यम से खोला जाएगा। संरक्षण लैब्स, इंटरप्रिटेशन सेंटर और गाइड्स की मदद के लिए इमर्सिव स्टोरीटेलिंग स्किल और तकनीक लागू की जाएगी।”

पूर्वोदय राज्यों और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र पर ध्यान

पूर्वोदय राज्यों के लिए वित्त मंत्री ने कहा, “मैं पूर्वी तट औद्योगिक कॉरिडोर के विकास का प्रस्ताव रखती हूँ, जिसमें दुर्गापुर को मुख्य नोड बनाया जाएगा, पांच पूर्वोदय राज्यों में पांच पर्यटन स्थल विकसित किए जाएंगे और 4,000 ई-बसे उपलब्ध कराई जाएंगी।”

उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में बौद्ध स्थल विकास के संदर्भ में उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र थेरवाडा और महायाना/वज्रयाना परंपराओं का सभ्यतागत संगम है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट के विकास की योजना पेश की। इस योजना में मंदिरों और मठों का संरक्षण, तीर्थस्थलों के इंटरप्रिटेशन सेंटर, कनेक्टिविटी और तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं का विकास शामिल होगा।

एडइनबॉक्स टीम

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