Edinbox Hindi
ओवर टूरिज्म का असर: दुनिया की ये मशहूर जगहें पर्यटकों की भीड़ से झेल रही हैं नुकसान

ओवर टूरिज्म का असर: दुनिया की ये मशहूर जगहें पर्यटकों की भीड़ से झेल रही हैं नुकसान

ओवर टूरिज्म का असर: दुनिया की ये मशहूर जगहें पर्यटकों की भीड़ से झेल रही हैं नुकसान

पर्यटन किसी भी देश और शहर की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जब किसी जगह पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं तो स्थानीय व्यापार, रोजगार और बुनियादी ढांचे को फायदा मिलता है। साथ ही दुनिया भर के लोग उस स्थान की संस्कृति और इतिहास से भी परिचित होते हैं।

लेकिन कई बार पर्यटन की यही लोकप्रियता उस जगह के लिए चुनौती भी बन जाती है। जब किसी ऐतिहासिक या प्राकृतिक स्थल पर जरूरत से ज्यादा पर्यटक पहुंचने लगते हैं तो पर्यावरण, स्थानीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों पर दबाव बढ़ जाता है। इसी स्थिति को “ओवर टूरिज्म” कहा जाता है। दुनिया के कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल इस समस्या से जूझ रहे हैं।

माचू पिचू (Machu Picchu)

दक्षिण अमेरिका के देश Peru में एंडीज पर्वत की ऊंचाई पर स्थित माचू पिचू दुनिया के सबसे प्रसिद्ध पुरातात्विक स्थलों में से एक है। यह इंका सभ्यता का ऐतिहासिक शहर माना जाता है और दुनिया के नए सात अजूबों में भी शामिल है।

पिछले कुछ वर्षों में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। अधिक भीड़ के कारण इस स्थल की संरचना और आसपास के पर्यावरण पर दबाव बढ़ने लगा। इसी वजह से स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों की संख्या सीमित करने और प्रवेश के लिए सख्त नियम लागू किए हैं।

डबरोवनिक, क्रोएशिया (Dubrovnik, Croatia)

दक्षिण-पूर्वी यूरोप के देश Croatia का ऐतिहासिक शहर डबरोवनिक अपनी प्राचीन दीवारों और खूबसूरत वास्तुकला के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

टीवी सीरीज Game of Thrones में इस शहर के कई हिस्सों को दिखाए जाने के बाद यहां पर्यटकों की संख्या में अचानक भारी बढ़ोतरी हुई। बढ़ती भीड़ के कारण शहर की पुरानी इमारतों और सड़कों पर दबाव बढ़ा, जिससे स्थानीय प्रशासन को पर्यटकों की संख्या नियंत्रित करने के उपाय करने पड़े।

गालापागोस द्वीप समूह (Galápagos Islands)

प्रशांत महासागर में स्थित गालापागोस द्वीप समूह Ecuador के तट से लगभग 1000 किलोमीटर दूर है। यह द्वीप अपनी अनोखी जैव विविधता के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहां ऐसे कई पौधे और जीव-जंतु पाए जाते हैं जो पृथ्वी पर कहीं और नहीं मिलते।

हर साल लाखों पर्यटक इस द्वीप समूह को देखने आते हैं। बढ़ती पर्यटन गतिविधियों के कारण यहां के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र पर खतरा बढ़ने लगा है। इसी वजह से सरकार और संरक्षण संस्थाएं यहां पर्यटकों के लिए कई सख्त नियम लागू कर चुकी हैं।

पेट्रा (Petra)

मध्य पूर्व के देश Jordan में स्थित पेट्रा एक प्राचीन ऐतिहासिक शहर है जिसे गुलाबी रंग के बलुआ पत्थर में तराश कर बनाया गया था। इसी वजह से इसे “रोज़ सिटी” भी कहा जाता है।

यह स्थल UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और दुनिया के नए सात अजूबों में भी गिना जाता है। हालांकि यहां आने वाले पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण ऐतिहासिक संरचनाओं को नुकसान पहुंचने और कूड़ा-कचरा बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आने लगी हैं।

लैस्कॉक्स गुफाएं (Lascaux Caves)

दक्षिण-पश्चिम France के डोरडॉग्ने क्षेत्र में स्थित लैस्कॉक्स गुफाएं अपने प्रागैतिहासिक चित्रों के लिए प्रसिद्ध हैं। इन गुफाओं में बने चित्र करीब 20 हजार साल पुराने माने जाते हैं और मानव इतिहास के महत्वपूर्ण प्रमाण हैं।

पर्यटकों की बड़ी संख्या के कारण इन चित्रों की गुणवत्ता पर असर पड़ने लगा था। गुफाओं में आने वाले लोगों से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड और नमी के कारण चित्रों को नुकसान पहुंच रहा था। इसी कारण 1963 में इन गुफाओं को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया।

संतुलित पर्यटन की जरूरत

दुनिया के इन उदाहरणों से साफ है कि पर्यटन जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उसका संतुलन भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पर्यटकों की संख्या को नियंत्रित किया जाए और पर्यावरण व विरासत स्थलों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए, तो पर्यटन लंबे समय तक टिकाऊ तरीके से आगे बढ़ सकता है।

संतुलित और जिम्मेदार पर्यटन ही इन ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रख सकता है।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed