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CBSE FDDI National Design Competition 2026: कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए डिजाइन में हुनर दिखाने का मौका

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाले छात्रों के लिए डिजाइन और नवाचार के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका है। फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (FDDI) ने सीबीएसई के सहयोग से राष्ट्रीय डिजाइन प्रतियोगिता शुरू की है। प्रतियोगिता का उद्देश्य स्कूली छात्रों में रचनात्मक सोच, समस्या समाधान और व्यावहारिक डिजाइन कौशल को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 है।

FDDI की आधिकारिक वेबसाइट पर इस पहल को FDDI–CBSE National Design Competition – Season 2 के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है। इससे पहले आयोजित राष्ट्रीय डिजाइन प्रतियोगिता में देशभर के स्कूलों से 1,500 से अधिक प्रविष्टियां मिली थीं। 2025 की प्रतियोगिता में अलग-अलग डिजाइन विषयों पर छात्रों ने अपने विचार और मॉडल प्रस्तुत किए थे।

रोजमर्रा की समस्याओं पर डिजाइन समाधान

इस प्रतियोगिता में छात्रों को केवल आकर्षक डिजाइन बनाने के बजाय किसी समस्या को समझकर उसका उपयोगी समाधान तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रतियोगिता में रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान, पर्यावरण के अनुकूल डिजाइन, उपयोगकर्ता की सुविधा और स्थानीय शिल्प एवं सामग्री जैसे विषयों पर काम करने का अवसर मिलेगा।

इसका मकसद छात्रों को स्कूल की पढ़ाई से आगे वास्तविक जीवन की समस्याओं से जोड़ना है। छात्र यह सोच सकते हैं कि किसी उत्पाद को अधिक उपयोगी, टिकाऊ, सुविधाजनक या पर्यावरण के लिए बेहतर कैसे बनाया जा सकता है।

कौन ले सकता है हिस्सा?

प्रतियोगिता में देशभर के मान्यता प्राप्त और सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के कक्षा 9, 10, 11 और 12 के विद्यार्थी हिस्सा ले सकते हैं। छात्रों की भागीदारी स्कूल के माध्यम से होगी। इसके लिए प्रत्येक स्कूल को एक नोडल शिक्षक या समन्वयक नियुक्त करना होगा।

स्कूलों को प्रतियोगिता के लिए उपलब्ध ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम में से एक का चयन करना होगा और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रविष्टियां जमा करनी होंगी। क्षेत्रीय स्तर पर चुने गए प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

छात्रों को किस तरह तैयार करनी होगी प्रविष्टि?

प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले छात्रों को अपनी चुनी हुई समस्या या विषय को समझकर डिजाइन आधारित समाधान तैयार करना होगा। केवल अंतिम डिजाइन ही नहीं, बल्कि उसके पीछे का विचार और समस्या का समाधान भी महत्वपूर्ण होगा।

इसलिए छात्र किसी ऐसी समस्या का चयन कर सकते हैं जिसे वे अपने घर, स्कूल या आसपास के वातावरण में देखते हैं। इसके बाद उन्हें यह बताना होगा कि प्रस्तावित डिजाइन किस तरह उस समस्या को हल करता है और उसका इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को क्या फायदा होगा।

स्थानीय सामग्री और पारंपरिक शिल्प का इस्तेमाल करने वाले विचार भी प्रतियोगिता के लिए उपयोगी हो सकते हैं। इससे छात्रों को स्थानीय संसाधनों और भारतीय शिल्प परंपराओं को आधुनिक जरूरतों से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

आवेदन कैसे करें?

प्रतियोगिता के लिए आवेदन स्कूल के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। स्कूल को पहले प्रतियोगिता के लिए नोडल शिक्षक या समन्वयक नियुक्त करना होगा। इसके बाद संबंधित रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर छात्रों की प्रविष्टियां जमा करनी होंगी।

छात्रों और स्कूलों को आवेदन करते समय नाम, कक्षा, स्कूल तथा संपर्क संबंधी जानकारी सही तरीके से भरनी चाहिए। डिजाइन या प्रोजेक्ट जमा करने से पहले सभी विवरणों की जांच करना जरूरी है। आवेदन की प्रक्रिया और प्रविष्टि से जुड़े मौजूदा निर्देश FDDI की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं।

आवेदन की अंतिम तारीख: 30 नवंबर 2026

प्रतियोगिता से छात्रों को क्या फायदा होगा?

स्कूल स्तर पर डिजाइन प्रतियोगिताएं छात्रों को रचनात्मक सोच के साथ समस्या को समझने और उसके व्यावहारिक समाधान पर काम करने का अवसर देती हैं। FDDI और CBSE की इस पहल का फोकस भी छात्रों में डिजाइन जागरूकता, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने पर है। पिछले संस्करण में देशभर के छात्रों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली थी।

FDDI के लिए यह पहल स्कूल स्तर पर डिजाइन शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। संस्थान की ओर से आयोजित पिछले राष्ट्रीय डिजाइन प्रतियोगिता में छात्रों के काम को अलग-अलग डिजाइन विषयों पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित और पुरस्कृत किया गया था।

स्वच्छता अभियान में भी छात्रों की भागीदारी पर जोर

पढ़ाई और कौशल विकास के साथ स्कूल छात्रों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। Swachhata Hi Seva (SHS) 2026 अभियान में युवाओं और छात्रों की भागीदारी को प्रमुखता दी गई है। इस वर्ष अभियान की थीम “Swachhata Mein Sahbhag; Swachh Bharat, Viksit Bharat” है।

केंद्र सरकार के अनुसार अभियान में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक स्थानों की सफाई और लोगों की भागीदारी पर जोर दिया जा रहा है। स्कूलों के लिए ‘Swachh Paathshala – Yuva for Swachhata’ को भी अभियान के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया गया है।

शिक्षा मंत्रालय ने भी स्कूल छात्रों को ठोस और ई-कचरा प्रबंधन के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया है। कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए Solid Waste Management Rules 2026 पर क्विज जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।

इस तरह 2026 में CBSE से जुड़े छात्रों के लिए डिजाइन प्रतियोगिता के साथ-साथ स्वच्छता और पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने के भी अवसर हैं। डिजाइन प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले छात्रों के लिए सबसे जरूरी है कि वे समयसीमा से पहले अपने स्कूल के नोडल शिक्षक के माध्यम से पंजीकरण और प्रविष्टि की प्रक्रिया पूरी करें।

Raish Ahmed

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