Edinbox Hindi

हिमाचल में MBBS इंटर्न को मिल सकता है ज्यादा भत्ता, मेडिकल शिक्षा में AI पर जोर

हिमाचल प्रदेश सरकार मेडिकल शिक्षा को आधुनिक बनाने और विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में कई कदम उठाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को हमीरपुर स्थित डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान कहा कि मेडिकल शिक्षा में आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने एमबीबीएस इंटर्नशिप भत्ते में बढ़ोतरी पर विचार करने, कॉलेज में नई सुविधाएं विकसित करने और चुनिंदा मेडिकल विद्यार्थियों को विदेश भेजने की योजनाओं की जानकारी भी दी।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार का उद्देश्य मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना, शोध को प्रोत्साहित करना और विद्यार्थियों को चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर देना है। हालांकि, कुछ योजनाओं के लिए अभी विस्तृत समयसीमा और अंतिम निर्णय का इंतजार है।

MBBS इंटर्नशिप भत्ते में कितनी बढ़ोतरी होगी?

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एमबीबीएस विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाले भत्ते में बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। इसके लिए जरूरी बजट की व्यवस्था करने की संभावना भी देखी जा रही है।

इंटर्नशिप मेडिकल शिक्षा का महत्वपूर्ण चरण है, जिसमें विद्यार्थी अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और इलाज से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव हासिल करते हैं। भत्ते में बढ़ोतरी होने पर इंटर्नशिप कर रहे विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिल सकती है।

हालांकि, सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि भत्ता कितना बढ़ाया जाएगा और नई दरें कब से लागू होंगी। इसलिए फिलहाल इसे प्रस्तावित कदम के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में बनेंगे छात्रावास, पुस्तकालय और सभागार

डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर में विद्यार्थियों के लिए बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने का काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि परिसर में आधुनिक सभागार, एम्फीथिएटर और पुस्तकालय का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग छात्रावास भी बनाए जा रहे हैं।

प्रत्येक छात्रावास में 300 विद्यार्थियों के रहने की क्षमता होगी। इन सुविधाओं से विद्यार्थियों को रहने, पढ़ने और शैक्षणिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए बेहतर व्यवस्था मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कॉलेज के नए परिसर की रूपरेखा तैयार करने में एक जापानी कंपनी की मदद ली गई है। सरकार का लक्ष्य संस्थान में आधुनिक सुविधाएं विकसित करना और मेडिकल शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाना है।

कैंसर अस्पताल और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की भी योजना

हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में भविष्य में इलाज और मेडिकल शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार करने की योजना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यहां सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, कैंसर अस्पताल, डेंटल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में विशेष बीमारियों के इलाज से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं, जबकि कैंसर अस्पताल बनने से कैंसर के मरीजों को विशेष उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। डेंटल और नर्सिंग कॉलेज खुलने से स्वास्थ्य क्षेत्र में पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

हालांकि, इन प्रस्तावित संस्थानों के निर्माण की शुरुआत और उनके चालू होने की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ निर्माण कार्य पूरा होने और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं शुरू होने के बाद ही मिल सकेगा।

मेडिकल विद्यार्थियों को विदेश भेजेगी सरकार

हिमाचल प्रदेश सरकार मेडिकल शिक्षा में शोध और बेहतर चिकित्सा पद्धतियों की जानकारी बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को विदेश भेजने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के प्रत्येक मेडिकल कॉलेज से 10 स्नातकोत्तर (PG) विद्यार्थियों और 10 एमबीबीएस विद्यार्थियों के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।

चयनित विद्यार्थियों को विदेश भेजकर वहां अपनाई जा रही बेहतर चिकित्सा पद्धतियों और कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर दिया जाएगा। इससे उन्हें दूसरे देशों में चिकित्सा शिक्षा, इलाज और शोध के तरीकों को करीब से जानने का मौका मिल सकता है।

हालांकि, सरकार ने अभी उन देशों के नाम, यात्रा की अवधि और विदेश जाने की तारीखों की जानकारी नहीं दी है। चयन के अंतिम मानदंड और कार्यक्रम से जुड़ी अन्य शर्तों का विवरण भी सामने आना बाकी है।

हिमाचल में बढ़ीं मेडिकल की PG सीटें

मुख्यमंत्री ने राज्य में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा के विस्तार का भी उल्लेख किया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों की संख्या पहले 277 थी, जो इस वर्ष 320 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होने के बाद बढ़कर 597 हो गई है।

हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में भी पीजी सीटों की संख्या आठ से बढ़कर 57 होने की जानकारी दी गई। सीटों में बढ़ोतरी से मेडिकल स्नातकों को विशेषज्ञता हासिल करने के अधिक अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, अलग-अलग विषयों में उपलब्ध सीटों और प्रवेश की शर्तों के लिए संबंधित कॉलेज तथा आधिकारिक प्रवेश सूचना देखना जरूरी है।

मेडिकल शिक्षा में AI का इस्तेमाल क्यों अहम?

मेडिकल शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल विद्यार्थियों को नई चिकित्सा पद्धतियों से परिचित कराने में मदद कर सकता है। इसका उपयोग मेडिकल इमेज की जांच, शोध, मरीजों के आंकड़ों के विश्लेषण और पढ़ाई के लिए किया जा सकता है। हालांकि, इन तकनीकों का इस्तेमाल प्रशिक्षित चिकित्सा विशेषज्ञों की निगरानी और उचित मानकों के अनुसार किया जाना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने मेडिकल शिक्षा में AI और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की बात कही है। लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में इसके लिए कौन-से विशेष कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे या उन्हें कब लागू किया जाएगा।

कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश सरकार की योजनाओं में मेडिकल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, विद्यार्थियों को शोध और अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने तथा इंटर्नशिप भत्ते में संभावित बढ़ोतरी जैसे कदम शामिल हैं। इन पहलों का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि प्रस्तावित योजनाएं कितनी जल्दी लागू होती हैं और विद्यार्थियों तथा मरीजों को उनका लाभ कब मिलना शुरू होता है।

Raish Ahmed

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed