
उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का अपनी मांगों को लेकर धरना- प्रदर्शन जारी है। बुधवार को अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट लखनऊ के डबल बेंच से दिए गए फैसले का पालन कराए जाने की मांग को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान एक अभ्यर्थी बेहोश भी हो गया।
बता दें कि अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को अभ्यर्थियों ने यूपी सरकार के मंत्री आशीष पटेल और उनकी पत्नी व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। सोमवार को अभ्यर्थियों ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव किया था।
अभ्यर्थियों का कहना है कि हाईकोर्ट का जो फैसला आया है, सरकार उसे जल्द से जल्द लागू करे और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को न्याय देते हुए उनकी नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त करे। अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि उससे पहले दागी अधिकारियों को तत्काल हटाकर नए अधिकारी नियुक्त किए जाएं जिससे भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी रूप से पूरा किया जा सके।
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती में बड़े स्तर पर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है। उन्हें नौकरी से वंचित कर दिया गया। लंबे आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरने के बाद 13 अगस्त को लखनऊ हाईकोर्ट की डबल बेंच ने आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के हित में फैसला सुनाया है। नियमों का पालन करते हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का आदेश दिया है, लेकिन 15 दिन से ज्यादा हो गए पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।




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