
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर के दुष्कर्म-हत्या मामले में बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट ने महालया पर रैली निकालकर न्याय की मांग की। प्रदर्शनकारी कॉलेज स्ट्रीट से निकले और कहा कि जब तक न्याय नहीं मिल जाता, हमारा आंदोलन नहीं रुकेगा। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की जांच एजेंसी सीबीआई पर सवाल उठाए और पूछा, “आखिर और कितने दिन का समय चाहिए? जवाब दो, सीबीआई!”
इस महा मार्च में आठ साल से लेकर अस्सी साल तक के लोग शामिल हुए। जूनियर डॉक्टरों के नेतृत्व में इस प्रदर्शन में शामिल सभी लोग हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर नारे लगा रहे थे। उन्होंने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज, स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरों वाली तख्तियां ले रखी थीं और न्याय की मांग करते हुए नारे लगा रहे थे। खासतौर पर आरजी कर मेडिकल कॉलेज की पीड़िता के न्याय की मांग के साथ-साथ, राज्यभर में फैले भय के माहौल का भी विरोध किया जा रहा था।
प्रदर्शनकारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर एमजी रोड से होते हुए सेंट्रल एवेन्यू तक मार्च किया। कुछ लोगों ने अपने शरीर पर नारे लिखे हुए कपड़े भी पहन रखे थे। इन नारों में ‘हम न्याय चाहते हैं’ और ‘आरजी कर के लिए न्याय’ जैसे संदेश प्रमुख थे। मार्च में स्वतंत्रता सेनानी प्रीतिलता वादेदार की तस्वीरें भी नजर आईं, जिन पर लिखा था, “प्रीतिलता की इस धरती पर बलात्कारियों के लिए कोई जगह नहीं।”
रैली में कोलकाता के विभिन्न कॉलेजों और अस्पतालों के डॉक्टरों और आम नागरिकों ने भाग लिया। मार्च कॉलेज स्क्वायर से शुरू होकर एमजी रोड, सीआर एवेन्यू और धर्मतला होते हुए समाप्त हुआ। सेंट्रल एवेन्यू की सड़कों पर उमड़ी भीड़ ने स्पष्ट रूप से सरकार और सीबीआई पर त्वरित कार्रवाई करने का दबाव डाला, ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।




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